महिलाओं को पोषण किट वितरित, बताए- यही है सुपोषण का असली मंत्र  -राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण किट का हुआ वितरण
त्वरित ख़बरें - लाभार्थियों को दिए जा रहे पोषण किट में रेडी टू इट फूड से बने व्यंजन, पोषण वाटिका में उत्पादित फल व सब्जियां तथा अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्रियों को शामिल किया गया है।

महिलाओं को पोषण किट वितरित, बताए- यही है सुपोषण का असली मंत्र -राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण किट का हुआ वितरण

राजनांदगांव, 22 सितंबर 2021. रिपोर्टिंग / निशा बिस्वास छ.ग. मार्केटिंग हेड 

राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रतिदिन विभिन्न प्रकार की गतिविधियों तथा कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को सुपोषण का संदेश दिया जा रहा है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं की अच्छी सेहत के लिए उपयुक्त पौष्टिक आहार की जानकारी दी जा रही है। साथ ही लाभार्थियों को पोषण किट भी वितरित किए जा रहे हैं। 

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में 1 सितंबर से राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 30 सितंबर तक विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास द्वारा जनप्रतिनिधियों, जनसमुदाय, पालकों, महिलाओं, किशोरी बालिकाओं, महिला स्व सहायता समूहों, युवा समूहों तथा अधिकारी-कर्मचारियों को पोषण अभियान से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर अपनी सक्रिय सहभागिता प्रदान करते हुए जिले को कुपोषण मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपील की गई है। पोषण के लिए आयोजित सभी कार्यक्रम कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार किए जा रहे हैं।

लाभार्थियों को दिए जा रहे पोषण किट में रेडी टू इट फूड से बने व्यंजन, पोषण वाटिका में उत्पादित फल व सब्जियां तथा अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्रियों को शामिल किया गया है। यह किट बच्चों, गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं में सुपोषण के लिए लाभकारी है।आंगनवाड़ी केंद्रों में गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है। इस क्रम में खैरागढ़ विकासखंड के जालबांधा सेक्टर अंतर्गत ग्राम बघमर्रा में सुपोषण के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। शून्य से पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों के पोषण के स्तर की जांच करने के लिए उनका वजन लिया गया। साथ ही 11 से 18 वर्ष तक की बालिकाओं का हिमोग्लोबिन टेस्ट किया गया। इसके अलावा अन्य गांवों में भी बच्चे का अनिवार्य रूप से वजन कराने की अपील की जा रही है। विभिन्न माध्यमों से प्रचार किया जा रहा है। 

इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, “पोषण माह में बच्चों, गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।आंगनवाड़ी में लाभार्थियों को पोषण किट व बच्चों को गुड़-चना, चिक्की और टाफियां भी बांटी जा रही है। पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण किट में सम्मिलित पौष्टिक खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन तथा उनके महत्व के विषय में लाभार्थियों को व्यापक जानकारी दी जाती है। इसी तरह बघमर्रा गांव में गर्भवती महिलाओं को पोषण किट भेंट कर माता तथा शिशु के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई”। 

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