राजनांदगांव - संतो का अपमान नही सहेगा हिंदुस्तान के नारे लगाते हुए महिला उत्थान मंडल व योग वेदांत सेवा समिति राजनांदगांव द्वारा संत आशारामजी बापू के ससम्मान रिहाई को लेकर विशाल वाहन यात्रा निकाली गई । सैकड़ो की संख्या में महिलाएं वाहन यात्रा में सम्मिलित होकर संस्कृति रक्षक संत आशारामजी बापू की ससम्मान रिहाई की मांग की । संस्कृति रक्षा यात्रा की मोहारा स्थित आशारामजी बापू आश्रम से निकाल कर शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए गुरु नानक चौक पर समापन किया गया । महिला दिवस के अवसर पर यात्रा में दुर्गा माता, रानी लक्ष्मीबाई, भारत माता, माता सबरी, मीरा बाई, छत्तीसगढ़ महतारी, सैनिक, आदि के वेशभूषा धारण किया गया तथा उनके बलिदान को याद कर उनके उपकारों से अवगत कराया गया । पूज्य संत आशारामजी बापू के ससम्मान रिहाई हेतु राजनांदगाँव, मोहला-चौकी, गंडई-खैरागढ़ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया इसी तरह छुरिया व डोंगरगढ़ समिति द्वारा तहसीलदार व अनुविभागीय अधिकारी को पूज्य बापूजी के ससम्मान रिहाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया ।
•गंभीर बीमारियों के कारण शारिरिक स्थिति कमजोर
बता दे कि आशारामजी बापू को AIIMS की रिपोर्ट के अनुसार उनके हृदय में 3 गम्भीर (99%, 90% और 75%) ब्लॉकेज हैं । बापूजी को लगातार रक्तस्राव हो रहा है, जिसकी वजह से उनके हीमोग्लोबिन का स्तर लगातार गिरता जा रहा है । उनकी गम्भीर शारीरिक स्थिति को देखते हुए हाल ही में 31 मार्च तक पैरोल दी गयी है । उनका उचित उपचार जारी है । पूज्य बापूजी को सडयंत्र के तहत फंसाया गया है तथा प्रसिद्ध न्यायविदो ने केस की स्टडी करते हुए बताया कि इस शदी का सबसे बोगस केस बनावटी है इसलिए संत आशारामजी बापू को ससम्मान रिहा किया जाना चाहिए ।महिला उत्थान मंडल की अध्यक्ष एरिना चंद्रवंशी व सरिता चक्रधारी ने बताया कि विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य में बापूजी की ससम्मान रिहाई हेतु पूरे देशभर में अनेकों संगठनों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री को शीघ्र रिहाई के लिए ज्ञापन भी सौपा जा रहा है ताकि पूज्य बापूजी को ससम्मान रिहा किया जाए ।
बापू ने पिछले 60 वर्षों से अनवरत कर रहे जन सेवा
योग वेदांत सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आशारामजी बापू ने अपना सारा जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में, राष्ट्रोत्थान के लिये लगा दिया, उनके अनेक लोकहितकारी सेवाकार्यों के द्वारा किसी मत, पंथ, सम्प्रदाय के भेदभाव के बिना करोड़ों लोग लाभान्वित हुए हैं, फिर भी आज उनके स्वास्थ्य की इतनी गम्भीर स्थिति में उन्हें अनुकूल, उत्तम और त्वरित इलाज के लिए किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है । बापूजी के केसों के तथ्यों और सबूतों को देखते हुए तो अनेक कानूनविदों का कहना है कि उन्हें निर्दोष छोड़ा जाना चाहिए ।इस यात्रा में जिले के सभी योग वेदान्त सेवा समिति के पदाधिकारीगण एवं साधक परिवार, नारी संगठन एवं कई हिन्दू संगठनों के द्वारा यह मांग की गई कि देश, धर्म, संस्कृति और समाज के सर्वांगीण उत्थान में पूज्य संत आशारामजी बापू का बड़ा योगदान है अतः सरकार द्वारा पूज्य बापूजी को ससम्मान रिहा किया जाना चाहिए । इस यात्रा में योग वेदांत सेवा समिति के पदाधिकारियों सहित अन्य कई साधकगण व प्रतिष्ठित नागरिक व सामाजिक संगठन के सदस्य शामिल हुए ।

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