भिलाई एक दिन पहले
शिक्षा सत्र 2021-22 के दौरान गणित में 96 प्रतिशत, जीव विज्ञान में 94 प्रतिशत, कॉमर्स में 89 फीसदी और आर्ट्स में 72 फीसदी अंक पर प्रवेश बंद हो गया था। शिक्षा सत्र 2022-23 में कट ऑफ मार्क्स में 10 फीसदी कम हो सकते हैं। गणित में 86, जीव विज्ञान में 85, कॉमर्स में 80 फीसदी तक अंक जा सकते हैं।
वहीं शहर के टॉप कॉलेज साइंस में बीएससी और गर्ल्स कॉलेज बीकॉम करना हो तो 12वीं कक्षा में कम से कम 85% अंक और बीए में 60% अंक जरूरी होंगे। पिछले साल इन कॉलेजों में बीए का कट ऑफ मार्क्स 60% में क्लोज हो गया था।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इसके छात्र और अभिभावक कॉलेजों की तलाश करने लगे हैं। साथ ही वहां प्रवेश के लिए न्यूनतम अंक के बारे में भी विचार विमर्श करने लगे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाएं व कोचिंग भी एडमिशन को प्रभावित करेंगे
सीटें बढ़ी पर छात्र हुए कम, कट ऑफ होगा कम
इस तरह पिछले साल की तुलना में इस प्रतिस्पर्धा कम होगी, लेकिन शहर के नामचीन कॉलेजों में प्रवेश आसान नहीं होगा। कट ऑफ मार्क्स कम होने का बड़ा कारण है कि इस बार 12वीं कक्षा में 12,265 परीक्षार्थी पास ही सफल हो पाए हैं। जिले से टॉप करने वाले छात्र का अंक भी 94.20 फीसदी है।
पिछले साल विद्यार्थियों की अधिक संख्या होने की वजह से 2240 सीटें बढ़ाई गई है। शिक्षा सत्र 2020-21 में 12वीं की परीक्षा में शामिल 16872 परीक्षार्थियों में से 16,559 सफल रहे हैं।
पिछले चार साल में छात्रों में कॉमर्स का ट्रेंड बढ़ा
गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य और उच्च शिक्षा संचालनालय दुर्ग संभाग के अपर संचालक डॉ. सुशील चंद्र तिवारी ने बताया कि शिक्षा सत्र 2018-19 से लगातार कॉमर्स की और विद्यार्थियों का झुकाव बढ़ा है। कॉमर्स में स्कोप है। जीएसटी सलाहकार और आयकर सलाहकार के रूप में उन्हें अच्छा स्कोप दिख रहा है।
वहीं भविष्य में उनके पास सीए बनने का मौका है। बीकॉम कंप्यूटर का पाठ्यक्रम शुरू होने से जिले में हर साल कॉमर्स में विद्यार्थियों की संख्या में तीन से साढ़े तीन सौ बढ़ रहा है।
ग्रेजुएशन के अन्य विषयों में 1460 सीटें और हैं
विवि से संबद्ध 141 कॉलेजों में बीकॉम, बीएससी, बीसीए की सीटों के अलावा 450 सीटें अन्य कोर्स की भी है। इसमें बीए-बीएड की 250 और बीएससी बीएड की 200 सीटें हैं। इस बार बीएएलएलबी और बीकाम एलएलबी कोर्स भी शुरू किया गया है। इन इंटीग्रेटेड कोर्स में 12वीं में मिले अंकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। पांच साल बाद इस पाठ्यक्रम की डिग्री लेकर निकलने वाले विद्यार्थियों को अलग से बीएड या एलएलबी करने की जरूरत नहीं होगी।
प्रतियोगी परीक्षा से होगा इनमें चयन, जानिए
व्यापमं की पीईटी और पीपीएचटी 22 मई को होगी। आईआईटी और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए जून, जुलाई और अगस्त में जेईई मेंस, जेईई एडवांस, नीट की परीक्षा होगी। बीएड, डीएलएड, नर्सिंग आदि व्यावसायिक विषयों में प्रवेश चयन परीक्षाएं से होगी। इसके बाद कॉलेज में एडमिशन की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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