क्राइम ब्रांच में काम करने के बाद बन गया चोर :  अब पुलिस के गिरफ्त में
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भिलाई 9 मिनट पहले

दुर्ग पुलिस ने चोरी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी मुंबई क्राइम ब्रांच में कभी वाहनों की सफाई करता था। इसके बाद वहां से काम छोड़कर चोरी करने लगा। वह इतना शातिर है कि पुलिस को चकमा देने के लिए अपना मोबाइल पश्चिम बंगाल में दोस्त के पास छोड़ दिया था और खुद दुर्ग जिले में मकान की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।



पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - Dainik Bhaskar

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी



खुर्सीपार पुलिस ने बताया कि 16 मई को जोन 2 खुर्सीपार निवासी बी अभिलाषा के मकान का ताला तोड़कर अज्ञात आरोपियों ने सोना, चांदी के जेवरात समेत लगभग 5 लाख रुपए की चोरी की। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने 25 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। जांच के दौरान पता चला कि सिल्वर रंग की कार जिसका नंबर 4141 है, उसमें कुछ लोग संदिग्ध रूप से घूमते दिखे। पुलिस ने उस गाड़ी का आरटीओ से पूरा डिटेल निकाला। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि केनाल रोड आईटीआई ग्राउंड के पास वही कार खड़ी देखी गई है।

सूचना मिलते ही पुलिस की सिविल टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गोमतीपुर जिला अहमदाबाद गुजरात नासिर अली (45 वर्ष) बताया। उसने बताया कि वह अपने साथी अशोक नगर जिला उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल निवासी मनीरुल मंडल (32 वर्ष) के साथ पांच दिन पहले भिलाई आया था। उसने कैंप एरिया के संतोषी पारा में किराए का मकान लिया। इसके बाद मनीरुल के साथ चोरी का प्लान बनाया। इसके बाद वह दिन में मकानों की रेकी करते थे और रात में उनका ताला तोड़ कर चोरी करते थे।

पुलिस को चकमा देने मोबाइल भेज दिया पश्चिम बंगाल

पुलिस ने चोरी के आरोपी नासिर अली को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुख्य सरगना मनीरुल उनकी पकड़ से बाहर था। मनीरुल पहले मुंबई क्राइम ब्रांच में वाहनों की सफाई करने का काम करता था। वह यहां रहकर काफी पैंतरे भी सीख चुका था। इसी वजह से वह पुलिस के साथ लुकाछिपी का खेल खेल रहा था। उसने अपना मोबाइल फोन पश्चिम बंगाल अपने दोस्त के पास भेज दिया था। इसके अलावा उसने अपने पास एक फोन और रखा था, जिसका नंबर उसने सिर्फ बंगाल वाले दोस्त को ही दिया था। जब उससे कोई भी बात करता तो पश्चिम बंगाल में बैठा उसका दोस्त कॉन्फ्रेंस में लेता और मनीरुल उनसे बात कर लेता। नासिर ने जब खुर्सीपार पुलिस को मनीरुल का नंबर दिया और पुलिस ने उसे फोन लगाया तो उसने बताया कि वह पश्चिम बंगाल में है।

पुलिस जब नंबर का लोकेशन ट्रेस करती तो वह भी पश्चमि बंगाल बताता। पुलिस भी परेशान थी कि दुर्ग में छिपे आरोपी का लोकेशन पश्चमि बंगाल कैसे बता रहा है। लेकिन पुलिस ने एक चाल चली। उसने नासिर से मनीरुल को फोन करवाया कि चोरी का सामान बिक गया है। वह अपना हिस्सा लेने आ जाए। इतना मैसेज मिलते ही मनीरुल पुलिस के जाल में फंस गया। वह जैसे ही अपना हिस्सा लेने खुर्सीपार पहुंचा पुलिस ने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया।

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