खरीफ विवरण वर्ष 2024-25 धान उपार्जन एवं निराकरण हेतु संभागस्तरीय बैठक संपन्न
त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

विपणन कार्य में हो पूरी पारदर्शिता, केंद्रों में कृषकों के लिए हो पर्याप्त सुविधाएं - अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा

दुर्ग, 10 नवम्बर 2024/ राज्य में आगामी 14 नवंबर से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव  ऋचा शर्मा ने आज दुर्ग पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सभाकक्ष में धान उपार्जन निराकरण से संबंधित संभाग स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा के दौरान धान उपार्जन केन्द्रों की आरंभिक व्यवस्था, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु बारदाने की व्यवस्था, किसानों को भुगतान, किसानों के पंजीयन की स्थिति, धान खरीदी का आंकलन, धान रिसाइकिलिंग रोकने के उपाय, मील पंजीयन, मीलिंग प्लान, रेक मूवमेंट, एफसीआई तथा नागरिक आपूर्ति मिशन में चावल उपार्जन तथा अन्य आवश्यक विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

   अपर मुख्य सचिव  ऋचा शर्मा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे, सीमांत और बड़े कृषकों के द्वारा उपजाये गए पूरे धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाए। सभी इस प्रक्रिया में विशेष तौर पर खरीदी के दौरान केंद्रों में बारदाने की व्यवस्था से लेकर छाव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। पारदर्शिता बनाए रखने हेतु केंद्रों में सभी आवश्यक जानकारियां एवं नियम प्रदर्शित करना सुनिश्चित करें। केंद्रों में शिकायत एवं निवारण के लिए शिकायत पेटी तथा हेल्प लाईन नं. भी चस्पा करना सुनिश्चित करें।

किसानों को समय पर हो भुगतान

अपर मुख्य सचिव  ऋचा शर्मा ने विशेष रूप से जोर दिया कि वास्तविक किसानों को धान बेचने के पश्चात भुगतान में समस्या न हो। इसके लिए मार्कफेड द्वारा 37500 करोड़ रूपये की व्यवस्था ऋण के माध्यम से की गई है। मार्कफेड द्वारा अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को निर्देशानुसार अग्रिम का अंतरण किया जाएगा। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में अंतरण किया जायेगा। (अन्य किसी के खाते में अंतरण नहीं किया जायेगा।) संयुक्त खाते की स्थिति में परिवार के सदस्य के खाते में भुगतान किया जाएगा। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कैश मैनेजमेंट के संबंध में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। साथ ही बैंकों में होने वाली अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए किसानों के बैंक एटीएम की लिमिट को 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार किया गया है। सभी सोसाइटीज में माइक्रो एटीएम की सुविधा भी दी जा रही है जिससे 10 हजार तक का आहरण किया जा सकता है।

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