नई दिल्ली: पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन कई कृषि क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है. तेज हवाएं, सूखा और भारी तूफान से कई फसलों पर असर पड़ रहा है. जिसका घातक परिणाम अब सामने आने लगे हैं. जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर टमाटर, बादाम और कॉफी जैसी फसलों पर हो रहा है. अगर आपने कभी गौर किया होगा तो आपको पता होगा कि कॉफी की कुछ चमक गायब हो गई है, या फिर उनमें जो जानी पहचानी महक आती थी वो पहले के मुकाबले थोड़ी कम हो गई है. यही आलम टमाटर और बादाम का भी है.
टमाटर उत्पादन में आ रही है कमी
इटली यूरोप में सबसे बड़ा टमाटर उत्पादन करता है, जो हर साल औसतन 6-7 मिलियन मीट्रिक टन की आपूर्ति करता है. हालांकि पिछले साल, उत्तरी इटली में फार्म अनुबंधित मात्रा के तहत 19 प्रतिशत थे और दुख की बात है कि इसके और भी कम होने की उम्मीद है. ऐसा इसलिए है क्योंकि जलवायु, जो कभी फल उगाने के लिए एक गर्म स्वर्ग थी, अब ठंडी होती जा रही है और बारिश के लिए अतिसंवेदनशील होती जा रही है.
ये कम तापमान फल के पकने की प्रक्रिया को धीमा कर रहे हैं. 2019 में अनुबंधित मात्रा के आधे से भी कम समय पर उत्पादन किया गया था. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो सुपरमार्केट की कीमतों में वृद्धि जारी रहेगी.
जलवायु परिवर्तन से खतरे में हैं कई खेती
CIA ने शोध किया है कि कैसे जलवायु परिवर्तन ने टमाटर सहित दुनिया के पांच सबसे पसंदीदा उत्पादों के उत्पादन को प्रभावित किया है, और सबसे विनाशकारी जलवायु घटनाओं का खुलासा किया है जो हाल ही में उनके विकास को कम करने के लिए हुई हैं.
मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण आने वाले समय में वैश्विक जलवायु में भारी बदलाव की आशंका जताई गई है. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि दुनिया के पास जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए 2040 तक का समय है और अगर हमने अभी से इसके लिए जरूरी काम करना शुरू नहीं किया तो आने वाले दिनों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

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