राजनांदगांव। पड़ौसी जिला बालोद के रास्ते राजनांदगांव जिले के दक्षिणी हिस्से (मानपुर, मोहला चौकी वनाचल क्षेत्र) में हाथियों के ऐसे 22 के झुंड हैं। जिलाधीश तारण प्रकाश सिन्हा ने कलेक्टोरेट में पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए बताया कि इन पर नजर रखने इन्हें नियंत्रित करने विशेषज्ञ बुलाये गये हैं। कलेक्टर ने कहा कि हाथी बहुत अधिक मेमोरी वाले जानवर होते हैं। ये सैकड़ों साल बाद भी अपने रास्ते मालूम रखते हैं। कहा कि अतिक्रमण उनका नहीं हम मनुष्यों का है। आज जंगलों में हाथी ही नहीं बाघ आदि जानवर भी कम होते जा रहे हैं।
ज्ञातव्य है कि हाथियों के आसपास झुंड लगाना उनके साथ सेल्फी लेने का प्रयास खतरनाक हो सकता है, अतः इस तरह से पेश आने पर अनधिकृत व्यक्तियों के विरूद्ध नये नियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
हर्राटोला में हैं 22 हाथी
वनमंडलाधिकारी गुरूनाथन एन ने आज अपराह्न 3 बजे पहुना को बताया कि विशेषज्ञ तो अभी नहीं आये हैं, लेकिन हाथियों के बारे में वन अमले को जानकारी है। पेट्रोलिंग लगातार कर रहे हैं। लोगों को सतर्क करते हुए भीड़ लगाने से मना कर रहे हैं। वर्तमान में 22 हाथी पानाबरस प्रोजेक्ट अंतर्गत मोहला के बाजू वाले गांव हर्राटोला में मौजूद हैं।

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