जानिए कैसे साइबर ठग फंसाते हैं और कैसे बचाव करें? डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचना जरूरी!
त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग
डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या है?

डिजिटल अरेस्ट स्कैम एक नई किस्म की साइबर ठगी है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक अधिकारी या सरकारी अफसर बताकर डराते हैं और पैसे ऐंठते हैं।
वे फोन, वीडियो कॉल या फर्जी नोटिस के माध्यम से आपको बताते हैं कि आपके खिलाफ कोई कानूनी मामला दर्ज है, और गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत पैसा जमा कराना होगा।

 स्कैमर्स का तरीका:

  • फर्जी पुलिस या CBI अधिकारी बनकर कॉल करना

  • नकली वारंट या कोर्ट का नोटिस भेजना

  • वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी या ऑफिस दिखाना

  • धमकी देना कि अगर तुरंत भुगतान नहीं किया तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा

  • GPay, Paytm, या बैंक ट्रांसफर के जरिए पैसे मंगाना

  • संकेत जिनसे सतर्क रहें:

    • कोई भी वास्तविक पुलिस अधिकारी फोन पर पैसे नहीं मांगता।

    • सरकारी एजेंसियां कभी वीडियो कॉल या WhatsApp से गिरफ्तारी नहीं करतीं।

    • अगर कोई कॉल डराने की कोशिश करे, तुरंत कॉल काटें।

    • कभी भी अपने बैंक या निजी दस्तावेज शेयर न करें।

    • तुरंत 1930 या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

     डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचने के 10 अहम उपाय:

    1. फोन पर आए किसी भी डराने वाले कॉल पर भरोसा न करें।

    2. पुलिस या कोर्ट की कार्रवाई केवल ऑफिशियल चैनल से होती है, व्हाट्सएप से नहीं।

    3. अपने निजी दस्तावेज किसी अनजान लिंक या मेल पर अपलोड न करें।

    4. अगर कोई बैंक अधिकारी बनकर कॉल करे, बैंक जाकर पुष्टि करें।



    1. Google पर नंबर सर्च कर लें कि वह फ्रॉड से जुड़ा है या नहीं।

    2. अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को सिक्योर करें।

    3. फोन या लैपटॉप में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट रखें।

    4. साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर तुरंत शिकायत करें।

    5. अपने रिश्तेदारों और बुजुर्गों को इस स्कैम के बारे में जागरूक करें।

    6. कोई भी भुगतान या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले सोचें।

     कहां शिकायत करें?

    • साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930

    • राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in

    • स्थानीय पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं।

     असली घटनाएं जो सतर्क करती हैं:

    • हाल ही में दिल्ली में एक व्यापारी से 25 लाख रुपये इस स्कैम के जरिए ऐंठ लिए गए।

    • मुंबई में एक कॉलेज छात्र से नकली CBI अधिकारी बनकर ₹5 लाख की ठगी की गई।

    • रायपुर में एक महिला को वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी दिखाकर डराया गया और पैसे मंगाए गए।

     विशेषज्ञ सलाह:

    डिजिटल अरेस्ट स्कैम जैसे नए-नए साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए सतर्क रहना, सही जानकारी रखना और तुरंत रिपोर्ट करना ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। याद रखें — डरकर जल्दबाज़ी में कोई कदम न उठाएं!

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