रायपुर - ईरान से जुड़े मौजूदा संकट को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अहम बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इस बैठक में विष्णु देव साय भी जुड़ेंगे और स्थिति पर अपने विचार साझा करेंगे। खास बात यह है कि इस बैठक में मुख्य रूप से गैर-चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है, ताकि बिना राजनीतिक व्यस्तताओं के गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
बैठक के दौरान ईरान में जारी हालात, भारत के हितों पर संभावित प्रभाव और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी निर्णय लिए जा सकें। इस बैठक को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सभी राज्यों की सहभागिता से एक मजबूत और संतुलित रणनीति तैयार करने पर जोर रहेगा।
ईरान संकट को लेकर संभावित असर के बीच छत्तीसगढ़ सरकार पहले से ही अलर्ट मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी या पैनिक बुकिंग से बचें। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखें और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
वहीं, इस पूरे मुद्दे पर केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा। ऐसे में आज होने वाली बैठक को एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है, जहां सामूहिक रणनीति बनाकर संभावित संकट से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी की जाएगी।

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