भिलाई। दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट (बैंक खाते उपलब्ध कराने) वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना छावनी पुलिस ने साइबर एवं आर्थिक अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम के अवैध लेनदेन में सहयोग करने के आरोप में कुल 23 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से 15 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि 8 लोगों को धारा 35(1) BNSS के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है। मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार थाना छावनी में दर्ज अपराध क्रमांक 312/2026 की विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से खुलासा हुआ कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर अवैध लेनदेन किया जाता था।
29 जून 2026 को की गई कार्रवाई में पुलिस ने कुल 23 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 आधार कार्ड, 3 चेकबुक, सिम कार्ड तथा अन्य बैंकिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। फिलहाल मामले में विस्तृत पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम या अन्य बैंकिंग दस्तावेज किसी को उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का उपयोग साइबर अपराधों में होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर देने की सलाह दी गई है।

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