रायपुर - शहर के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट, गांधी उद्यान-तेलीबांधा फ्लाईओवर का काम फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। पिछले कुछ समय से इस परियोजना को लेकर औचित्य, लागत और मार्ग चयन को लेकर शहरवासियों और जनप्रतिनिधियों के बीच गंभीर सवाल उठ रहे थे। हाल ही में आयोजित बैठक में यह तय हुआ कि परियोजना पर फिलहाल कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी, जिससे इसका काम अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रोजेक्ट पर विरोध सिर्फ आम जनता तक सीमित नहीं रहा। अफसर और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस योजना के कुछ पहलुओं के विरोध में थे। उन्होंने बताया कि योजना का मार्ग और निर्माण कार्य शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में और भीड़ बढ़ा सकता है, साथ ही इससे आसपास के पर्यावरण और स्थानीय व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा, लागत और समय सीमा को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फ्लाईओवर का उद्देश्य तो शहर में यातायात सुगमता बढ़ाना है, लेकिन अगर योजना की तैयारी पूरी नहीं है और इसके सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया, तो यह परियोजना विवाद का केंद्र बन सकती है। नागरिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मांग की कि योजना को दोबारा मूल्यांकन किया जाए और सभी हितधारकों की राय शामिल की जाए।
शहर प्रशासन ने कहा है कि फ्लाईओवर परियोजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डालना आवश्यक था ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक लागत या विवाद से बचा जा सके। वहीं, योजना को लेकर चर्चा और समीक्षा जारी रहेगी और जल्द ही नई रूपरेखा के साथ इसे आगे बढ़ाने की संभावना पर विचार किया जाएगा।
इस फैसले के बाद शहर में आम नागरिकों और स्थानीय मीडिया में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां कुछ लोग इसे उचित ठहराते हैं, वहीं कई लोगों का मानना है कि शहर की ट्रैफिक समस्या और वृहद विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान ढूंढना जरूरी है। गांधी उद्यान-तेलीबांधा फ्लाईओवर का मामला अब शहर में एक गंभीर बहस का विषय बन गया है, और इसका अंतिम निर्णय आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

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