एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा से पास, पेपर लीक करने वालों को 10 साल जेल और 10 करोड़ जुर्माना...
त्वरित खबरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

नई दिल्ली। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हो गया है। विपक्षी सांसदों के वॉकआउट के बाद इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया गया। अब दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद यह बिल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलते ही यह आधिकारिक रूप से कानून बन जाएगा।

पेपर लीक और नकल माफिया पर लगेगी लगाम

इस नए कानून का उद्देश्य पेपर लीक, अनुचित साधनों और संगठित परीक्षा अपराधों पर रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि यह कानून उन लोगों और संस्थाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए बनाया गया है, जो सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को नुकसान पहुंचाते हैं।

दोषियों को 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माना

एंटी पेपर लीक बिल में कई कड़े प्रावधान किए गए हैं।

  • व्यक्तिगत रूप से पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है।
  • ऐसे दोषियों पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • वहीं संगठित अपराध करने वाले गिरोहों और संस्थाओं पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
  • संगठित अपराध में शामिल लोगों को कम से कम 7 साल की सजा का प्रस्ताव रखा गया है।

AI, हैकिंग और साइबर फ्रॉड भी कानून के दायरे में

नए कानून में आधुनिक तरीकों से होने वाली परीक्षा धोखाधड़ी को भी शामिल किया गया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का गलत इस्तेमाल, परीक्षा प्रणाली को हैक करना, ऑनलाइन पेपर लीक करना और साइबर फ्रॉड जैसे अपराधों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कही ये बात

राज्यसभा में बिल पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा देश के हर परिवार और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में देश के युवा सबसे बड़ा निवेश हैं।

उन्होंने विपक्ष के 152 पेपर लीक मामलों के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन आंकड़ों को प्रमाणित नहीं किया जा सका।

विपक्ष ने उठाए सवाल

इससे पहले राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेपर लीक रोकने के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने छात्र आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग भी उठाई।

राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार

अब एंटी पेपर लीक बिल दोनों सदनों से पास हो चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह देश में लागू हो जाएगा और पेपर लीक करने वालों पर पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ हो जाएगा।

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