HCL के नाम पर कॉलेज से लाखों की ठगी: ई-मेल से भेजा प्रस्ताव, फर्जी मुआयना और फिर 12 लाख का चूना...
त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

भिलाईनगर। ऑनलाइन परीक्षा सेंटर शुरू कराने का झांसा देकर दुर्ग जिले के अंडा स्थित शैल देवी महाविद्यालय से करीब 12 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को HCL Technologies के परीक्षा सेंटर विभाग से जुड़ा बताया और कॉलेज प्रबंधन को ई-मेल के जरिए ऑनलाइन परीक्षा सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव भेजा। भरोसा जीतने के बाद अलग-अलग काम के नाम पर कॉलेज से कई किस्तों में रकम जमा कराई गई।

महाविद्यालय के अध्यक्ष राजन कुमार दुबे की शिकायत के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 को कॉलेज के आधिकारिक ई-मेल पर HCL Technologies के परीक्षा सेंटर विभाग के नाम से प्रस्ताव आया था। इसमें वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया गया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की उससे लगातार बातचीत होने लगी। 17 अप्रैल को कॉलेज को एक समझौता पत्र भेजा गया, जबकि 18 अप्रैल को कॉलेज के भौतिक मुआयने के लिए एक व्यक्ति के पहुंचने की जानकारी दी गई।

18 अप्रैल को एके साहू नाम का व्यक्ति कॉलेज पहुंचा और उसने बिल्डिंग व परिसर की तस्वीरें लेने के साथ निरीक्षण किया। इसके बाद 1 मई को कॉलेज अध्यक्ष और प्राचार्य कामेश्वर नाथ मिश्रा की जूम मीटिंग कराई गई, जिसमें HCL Technologies की अनीता नाम की महिला से बातचीत होने का दावा किया गया। 5 मई को गोपनीयता और साझेदारी से जुड़े दस्तावेज ई-मेल पर भेजे गए, जिन्हें कॉलेज ने 8 मई को हस्ताक्षर कर वापस भेज दिया।

उपकरण और डीजी सेट के नाम पर लाखों जमा कराए

19 मई को परीक्षा सेंटर के उपकरणों के नाम पर 5 लाख 98 हजार 743 रुपए का बिल भेजा गया। कॉलेज ने 21 मई को बताए गए बैंक खाते में यह रकम जमा कर दी। इसके बाद डीजी सेट के नाम पर 3 लाख 42 हजार 200 रुपए की मांग की गई, जिसका भुगतान कॉलेज ने 26 मई को कर दिया। इस तरह कॉलेज से 9 लाख 40 हजार 943 रुपए लिए जा चुके थे।

इसके बाद आरोपियों ने सामान भेजने और बीमा के नाम पर भी रकम मांगी। परिवहन के लिए 1 लाख 35 हजार 700 रुपए और बीमा के नाम पर 1 लाख 62 हजार 840 रुपए जमा कराए गए। कॉलेज ने 13 जून को दोनों रकम का भुगतान कर दिया। इस तरह अलग-अलग भुगतानों के जरिए कॉलेज से करीब 12 लाख 39 हजार रुपए की रकम जमा कराई गई।

15 जून के बाद मोबाइल हुआ बंद

शिकायत के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन 12 अप्रैल से 14 जून तक वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति के संपर्क में था। लेकिन 15 जून के बाद संबंधित मोबाइल नंबर बंद हो गया और ई-मेल का जवाब भी आना बंद हो गया। लगातार संपर्क नहीं होने पर कॉलेज प्रबंधन को ठगी का अहसास हुआ।

मामले की शिकायत मिलने के बाद नेवई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ई-मेल, मोबाइल नंबर, बैंक खातों में हुए लेन-देन और आरोपियों द्वारा भेजे गए दस्तावेजों की जांच कर रही है

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