एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपना दुख जाहिर किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में खुलासा किया कि जब भी वह एयरपोर्ट जाती हैं तो उन्हें अपने आर्टिफिशल लिंब (कृत्रिम अंग) को निकालकर चेकिंग करवाने के लिए कहा जाता है। सुधा ने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस व्यवस्था को बदलने की गुहार लगाई है।
सुधा वीडियो में कहती हैं, 'गुड ईवनिंग, यह एक बहुत ही पर्सनल चीज है जो मैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बताना चाहती हूं। यह मेरी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील है। मेरा नाम सुधा चंद्रन है। मैं एक अभिनेत्री और प्रोफेशनल डांसर हूं। मैंने आर्टिफिशियल लिंब के साथ डांस करके इतिहास रचा और कई बार अपने देश को गौरवान्वित किया है। लेकिन जब भी मैं प्रोफेशनल विजिट्स पर जाती हूं तो मुझे हर बार एयरपोर्ट पर रोक लिया जाता है। जब मैं सिक्यॉरिटी और सीआईएसएफ अफसरों से रिक्वेस्ट करती हूं कि प्लीज मेरे आर्टिफिशल लिंब के लिए ईटीडी (एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर) टेस्ट कर दीजिए, तो भी वो नहीं मानते और मुझे मेरा आर्टिफिशल लिंब उतारकर दिखाने के लिए कहते हैं। मोदी जी क्या यह इंसानियत है? क्या एक महिला दूसरी महिला को इसी तरह इज्जत देती है? मोदी जी मैं आपसे रिक्वेस्ट करती हूं कि आप सीनियर सिटीजन को कोई कार्ड दें ताकि वो कह सकें कि वो सीनियर सिटीजन हैं।'
वीडियो को शेयर करते हुए सुधा ने लिखा, 'बहुत आहत हूं, हर बार इस तरह की ग्रिलिंग से बहुत दुख होता है, उम्मीद करती हूं कि मेरा मैसेज सेंट्रल गवर्नमेंट अथॉरिटी तक पहुंचे और वो जल्द से जल्द कोई एक्शन लें।'
17 साल की उम्र में काटना पड़ा था पैर
17 साल की उम्र में हुए एक हादसे में सुधा का पैर काटना पड़ गया था। जिसके बाद उनका डांसिंग करियर खतरे में पड़ गया, लेकिन उन्होंने नकली पैर से तैयारी कर फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में पहचान कायम की। उनके इसी जज्बे पर फिर फिल्म बनी।
ऐसे हुईं थी हादसे का शिकार
सुधा ने 3 साल की उम्र से भरतनाट्यम सीखना शुरू किया। वे रोज सुबह स्कूल जाती, फिर डांस स्कूल जाती और रात 9.30 बजे घर पहुंचती। वे 10वीं में 80 फीसदी के साथ क्लास टॉपर्स में थीं, लेकिन साइंस स्ट्रीम के बजाय आर्ट्स लिया ताकि डांस कंटिन्यू कर सकें। एक बार वे बस से जा रही थी और बस का एक्सीडेंट हो गया। जिसमें उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ। सभी पैसेंजर्स में सबसे कम चोट उन्हें लगी। कुछ घाव भी थे। डॉक्टर ने उनकी पट्टी कर दी। कुछ वक्त बाद उस घाव में गैंगरिन हो गया। जिसके चलते उनका पैर का पंजा अलग करना पड़ा। उस वक्त उनकी उम्र महज 17 साल की थी।
कैसे शुरू किया फिर से डांस
सुधा को जयपुर में आर्टिफिशल लिंब लगाया गया और उन्होंने दोबारा चलना सीखा। 4 महीने तो उन्हें सीधा चलने में लग गए। कुछ समय बाद सुधा ने दोबारा डांस करना शुरू किया। जब उन्हें सेंट जेवियर्स में परफॉर्म करने का ऑफर आया तो स्टेज पर जाने से पहले वे काफी डरी हुई थी। हालांकि, परफॉर्मेंस बहुत अच्छी हुई, स्टैंडिंग ओवेशन मिला। परफॉर्मेंस के बाद स्टेज के पीछे पहुंची तो पिता ने उनके पैर छूते हुए कहा कि मैं सरस्वती के पैर छू रहा हूं, तुमने नामुमकिन को मुमकिन कर दिया। वह वक्त ही उनकी लाइफ का टर्निंग प्वाइंट बना।
इन टीवी शोज और फिल्मों में काम कर चुकी हैं सुधा
सुधा 90s से टीवी इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। सुधा 'नागिन' के अलावा अब तक 'बहुरानियां'(1990), 'हमारी बहू तुलसी'(1990), 'चंद्रकांता'(1994-96), 'जाने भी दो पारो'(1997), 'कभी इधर कभी उधर'(1997), 'चश्मे बद्दूर'(1998-99), 'अंतराल'(1999), 'कैसे कहूं'(2001), 'कहीं किसी रोज'(2001-04), 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी'(2004-08), 'कस्तूरी'(2007-09), 'अदालत'(2011) और 'शास्त्री सिस्टर'(2014) जैसे कई टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं।
टीवी शोज के साथ सुधा 'नाचे मयूरी'(1986), 'शोला और शबनम'(1992), 'अंजाम'(1994), 'हम आपके दिल में रहते हैं'(1999), 'शादी करके फंस गया यार'(2006), 'मालामाल वीकली'(2006) के साथ कई साउथ फिल्मों में काम कर चुकी हैं।

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