दुर्ग। चिखली में 8 एकड़ से अधिक जमीन को लेकर चल रहे दीवानी विवाद में न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया है। नवम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पंकज दीक्षित की अदालत ने चौहान हाउसिंग कंपनी के अजय चौहान द्वारा किसानों के खिलाफ दायर वाद को खारिज कर दिया। इस मामले में किसानों की ओर से अधिवक्ता उज्जवल पचकोड़े ने पैरवी की।
18.50 लाख रुपये प्रति एकड़ में सौदे का था दावा
मामला चिखली स्थित 8 एकड़ 2.5 डिसमिल जमीन से जुड़ा है। वादी अजय चौहान का दावा था कि किसानों के साथ जमीन का सौदा 18 लाख 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से तय हुआ था। इसी आधार पर उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए न्यायालय में दीवानी वाद दायर किया था।
अदालत ने खारिज किया वाद
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों पर विचार किया गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने अजय चौहान के दावे को स्वीकार नहीं किया और उनका वाद खारिज कर दिया। इससे मामले में प्रतिवादी किसानों को राहत मिली है।
अधिवक्ता उज्जवल पचकोड़े ने की पैरवी
इस प्रकरण में चिखली निवासी किसान मुकेश, कमल नारायण और टेकू राम की ओर से दुर्ग के अधिवक्ता उज्जवल पचकोड़े ने पक्ष रखा। किसानों की ओर से की गई कानूनी पैरवी के बाद न्यायालय ने वादी का दावा खारिज कर दिया।
न्यायालय के इस फैसले से जमीन विवाद में शामिल किसानों को राहत मिली है। यह मामला जमीन के सौदे और रजिस्ट्री से जुड़े दीवानी विवादों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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