दमोह के कुंडलपुर में सोमवार शाम मुनि सुधासागर महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। जहां उन्होंने अपने गुरु आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की चरण वंदना की। गुरु शिष्य के इस मिलन को देखने हजारों लोगों की भीड़ मौजूद थी। मंदिर परिसर में गुरुवर के जयकारे गूंज रहे थे।
अपने गुरु से मिलकर जितनी प्रशंन्नता मुनि सुधासागर महाराज को हो रही थी, इस मिलन को देखकर यहां पहुंचे लोग भी उतने ही प्रसन्न हुए। मुनि सुधासागर जैसे मंदिर परिसर में पहुंचे, उनका भव्य स्वागत किया गया। कई मुनि उनकी अगवानी करने पहुंचे और उसके बाद मुनि सुधासागर वहां से चलकर सीधे अपने गुरु आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के आसन स्थल पर पहुंचे। यहां उनके चरणों में बैठ गए। इस दृश्य को देख रहे हजारों लोग आनंद से झूम उठे।
मुनि सुधासागर महाराज करीब 500 किलोमीटर की पदयात्रा कर राजस्थान के चंद्रोदय तीर्थ से चलते हुए शनिवार सुबह दमोह पहुंचे थे। दो दिन बाद सोमवार शाम वह कुंडलपुर पहुंच गए। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने देशभर में फैले अपने शिष्यों को कुंडलपुर में आयोजित होने वाले गजरथ महोत्सव में शामिल होने के लिए कहा है। इसलिए सैकड़ों मुनि यहां पर पहुंच चुके हैं और अनेक मुनियों के यहां पर पहुंचने के लिए विहार जारी है।

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