एक्ट्रेस दिव्या खोसला कुमार ने 2004 में फिल्म 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों' से बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म के बाद वो बतौर एक्ट्रेस और डायरेक्टर कई सारे म्युजिक वीडियो और अन्य प्रोजेक्ट का हिस्सा बनीं। अब तकरीबन 17 सालों के बाद दिव्या एक बार फिर से फिल्मों का रुख कर रही हैं। मिलाप जावेरी की अपकमिंग फिल्म 'सत्यमेव जयते 2' में वो जॉन अब्राहम के अपोजिट नजर आएंगी। मिडिया से खास बातचीत के दौरान, दिव्या कहती हैं कि हमारे देश में बहुत भ्रष्टाचार है, मैंने देखा है कोर्ट में कई बेचारे फंस जाते हैं और निकलने के लिए उनके पास पैसे नहीं होते हैं। दिव्या की मानें तो वो अब आगे चलकर और बतौर एक्ट्रेस खुद को और एक्स्प्लोर करना चाहती हैं।
दिव्या करना चाहती थीं दमदार रोल
दिव्या कहती हैं, "जब मिलाप ने पहली बार मुझसे इस फिल्म का जिक्र किया था तब मेरा उनसे पहला सवाल यही था कि फिल्म में मेरा किरदार कितना स्ट्रांग है? मुझे दमदार रोल चाहिए था और मिलाप ने मुझे इस बात का भरोसा दिलाया कि मुझे निराशा नहीं होगी। आज जब मैं इस फिल्म को देखती हूं तो लगता है कि मैंने खुद ने भी अपने लिए इतना अच्छा नहीं सोचा था। पिछले कुछ सालों से मैं डायरेक्शन में काफी व्यस्त थी। लेकिन 'सनम रे' के बाद मैंने डायरेक्शन पर ब्रेक लगाने का फैसला किया था। उसके बाद मैंने कई अपॉर्चुनिटी धुंडी जहां मुझे लगा कि अब मैं एक्टिंग कर सकती हूं। हालांकि, मुझे ऐसा कुछ ऑफर नहीं हुआ था। मैं चाहती थी कि मेरा पहला प्रोजेक्ट धमाकेदार हो, आखिरकार दो साल पहले मुझे मिलाप ने फिल्म ऑफर किया था। उम्मीद करती हूं कि ऑडियंस को मेरा काम पसंद आए, सच कहूं तो अब मैं बतौर एक्ट्रेस खुद को एक्स्प्लोर करना चाहती हूं। बस मुझे इस फिल्म के रिजल्ट का इंतजार है।"
रियल लाइफ में दिव्या हैं बहुत इमोशनल लड़की
दिव्या फिल्म में अपने किरदार के बारे में कहती हैं, "फिल्म में मैं पॉलिटिशियन का किरदार निभा रही हूं जोकि मेरे लिए बहुत चैलेंजिंग रोल रहा है। मैं बिलकुल भी विद्या जैसी नहीं हूं, रियल लाइफ में मुझमें पॉलिटिशियन की एक भी खूबी नहीं है। हमने इस फिल्म की ज्यादातर शूटिंग लखनऊ में की थी। पूरी फिल्म में मैंने शुद्ध हिंदी बोला है, कुछ संस्कृत डॉयलाग भी हैं। बचपन में मैंने सीबीएसई से अपनी हिंदी और संस्कृत की पढ़ाई की थी, जिसकी वजह से इस फिल्म में मुझे काफी मदद हुई। एक पॉलिटिशियन का हाव भाव समझने में वक्त लगा, लेकिन शुद्ध हिंदी भाषा में डॉयलाग बाजी करने को मैंने बहुत एन्जॉय किया। साथ ही मैं रियल लाइफ में बहुत इमोशनल लड़की हूं, इस किरदार से मैं खुद को स्ट्रांग और प्रैक्टिकल बनाने की सिख लेकर जा रही हूं।"
दिव्या कहती हैं कोर्ट में टॉप लेवल से लेकर निचे के डिपार्टमेंट तक, ज्यादातर लोग करप्ट होते हैं
फिल्म की कहानी देश में हो रहे भ्रष्टाचार के इर्द गिर्द है। दिव्या की माने तो उन्हें खुशी होगी अगर उनकी इस फिल्म से देश के कुछ लोगों में बदलाव आ जाए तो। इस बारे में बात करते हुए वो कहती हैं, "बहुत दुख होता है ये देखकर कि हमारे देश में बहुत भ्रष्टाचार है। हम हमेशा सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन आम आदमी को भी कुछ जिम्मेदारी उठानी होगी। मेरा पर्सनल अनुभव हुआ है जहा मैंने देखा है कि यदि कोई केस कोर्ट में चला जाता है तो वह टॉप लेवल से लेकर निचे के डिपार्टमेंट तक, ज्यादातर लोग करप्ट होते हैं। कई बेचारे फंस जाते हैं और निकलने के लिए उनके पास पैसे तक नहीं होते हैं। बहुत दुख होता है ये सब देखकर। उम्मीद करती हूं कि हमारी फिल्म के जरिए कुछ लोगों में बदलाव आएगा और देश में भ्रष्टाचार कम होगा।"
सेट पर जॉन का डेडिकेशन देखकर हैरान रह जाती थीं दिव्या
जॉन अब्राहम के साथ काम करने के अनुभव पर दिव्या कहती हैं, "वो अच्छे एक्टर तो हैं ही, लेकिन सबसे अच्छी बात ये है कि वो बहुत सरल इंसान भी हैं। मुझे उनसे बहुत पॉजिटिविटी मिलती थी और यही वजह थी कि उनके साथ स्क्रीन पर कम्पेटिबिलिटी बनाने के लिए मुझे ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। साथ ही जिस तरह से वो अपनी फिटनेस को लेकर सीरियस हैं वो भी काबिले तारीफ है। कई बार उनका डेडिकेशन देखकर मैं हैरान रह जाती थी, चाहे कितने भी मुश्किल डायलॉग क्यों ना हो, वो उसकी तैयारी करके ही सेट पर आते थे। मौका मिला तो मैं आगे उनके साथ और भी प्रोजेक्ट करना चाहूंगी।"
दिव्या कहती हैं मैंने हमेशा से अपना रास्ता खुद बनाया है और आगे चलकर भी खुद ही बनाउंगी
पर्सनली, दिव्या टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार की पत्नी हैं। तो क्या आपको कभी इतने बड़े नाम और ब्रैंड से जुड़ने का फायदा मिला है? इस पर दिव्या कहती हैं, "मैंने हमेशा से अपना रास्ता खुद बनाया है और आगे चलकर भी खुद ही बनाउंगी। जब मैंने अपनी पहली फिल्म की थी तब मैं टी-सीरीज से नहीं जुड़ी थी। ऑडिशन देकर मुझे वो फिल्म मिली थी। उसके बाद, मैंने सिनेमेटोग्राफी और डायरेक्शन किया। कई सिंगर्स के लिए म्युजिक वीडियो बनाए। अपनी पहली फिल्म 'यारियां' भी मैंने न्यूकमर्स के साथ बनाई और वो फिल्म सुपरहिट रही। हां, कुछ लोग कहते हैं कि टी-सीरीज से नाम जुड़ा है, तो चीजें आसानी से होती हैं, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। अब जिसे जो कहना है वो कह सकता है। मैंने हमेशा अपने दिल की सुनी है और अपना रास्ता खुद बनाया है। मुझे टी-सीरीज के नाम से कभी कोई फायदा नहीं मिला।"
दिव्या ने बातों-ही-बातों में बताया की वो अब स्क्रीन पर कॉमेडी करना चाहती हैं। उन्हें कॉमेडी देखना पसंद है और मौका मिला तो वो खुद को उस जॉनर में एक्स्प्लोर करना चाहती हैं।

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