ग्राम चौथना हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
पारिवारिक विवाद और जादू-टोना के संदेह को वारदात की वजह बता रही पुलिस, टंगिया व मोटरसाइकिल बरामद
डोंगरगढ़/राजनांदगांव, 12 अक्टूबर 2026। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चौथना में मां-बेटे की मौत और युवती के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना में पारिवारिक विवाद और परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब होने को लेकर जादू-टोना का संदेह वारदात की वजह के रूप में सामने आया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की टंगिया, मोटरसाइकिल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
घर में मृत मिले थे मां-बेटे, बेटी गंभीर रूप से घायल
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को ग्राम चौथना निवासी सुखी सोनकर ने घर पहुंचने पर अपनी पत्नी कमला सोनकर और पुत्र खुमेन्द्र सोनकर को मृत अवस्था में पाया। वहीं, उनकी पुत्री ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल मिली। घायल युवती को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डोंगरगढ़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 606/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 332, 109 एवं 103(1) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
मुख्य आरोपी सहित तीन गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के दिशा-निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में थाना डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीमों ने आरोपियों की पतासाजी शुरू की।
जांच के दौरान घटना के बाद से फरार संदिग्ध हेमंत कुमार सोनकर (36 वर्ष) को 12 अक्टूबर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सोनू सोनकर (34 वर्ष) और केशर सोनकर (55 वर्ष) की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत कुमार सोनकर, सोनू सोनकर और केशर सोनकर शामिल हैं। तीनों ग्राम चौथना, थाना डोंगरगढ़ के निवासी हैं।
टंगिया और मोटरसाइकिल बरामद, साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास की भी जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की टंगिया और मोटरसाइकिल जब्त की गई है। इसके अलावा घटना के समय पहने गए कपड़ों तथा टंगिया के लकड़ी के बेंट को जलाकर नष्ट करने के कथित प्रयास से संबंधित अवशेष भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों के साथ मिलकर योजना बनाने और साक्ष्य नष्ट करने से संबंधित तथ्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 61(2) और 238 भी जोड़ी गई हैं। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना डोंगरगढ़ के निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख, उप निरीक्षक गीतांजलि सिंह, सहायक उप निरीक्षक विजय साहू सहित पुलिसकर्मियों तथा साइबर सेल के सहायक उप निरीक्षक द्वारिका लाउतरे और उनकी टीम का योगदान रहा।
राजनांदगांव पुलिस ने कहा है कि गंभीर अपराधों की विवेचना और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
राहुल ओझा रिपोर्टिंग | त्वरित खबरें

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