डेंगू , मलेरिया रोग से लोगों को बचाने के लिए सोर्स रिडक्शन गतिविधियां तेज
त्वरित खबरें -अपीलः मच्छर न पनप सके, इसलिए घर के आसपास को साफ-सुथरा रखें...

डेंगू , मलेरिया रोग से लोगों को बचाने के लिए सोर्स रिडक्शन गतिविधियां तेज

रिर्पोटिंग निशा बिस्वास छ. ग. मार्केटिंग हैड

 राजनांदगांव, 16 सितंबर 2021.

डेंगू , मलेरिया रोग की चपेट में आने से लोगों को बचाया जा सके, इसके लिए जिले में लगातार प्रयास किया जा रहा है। राजनांदगाव शहरी क्षेत्र एवं ग्राम स्तर पर मलेरिया व डेंगू उन्मूलन हेतु जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि “मच्छर न पनप सके, इसलिए घर के आसपास को साफ-सुथरा रखें। पानी जमा न होने दें”।

कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के मार्गदर्शन में डेंगू व मलेरिया जैसे रोगों से बचाव के लिए आवश्यक एहतियाती सुरक्षा के उपाय करने के साथ-साथ जनजागरुकता के लिए भी जिले में कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। जिले के सभी विकासखण्डों, संवेदनशील ग्रामों, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश के सीमावर्ती सभी गांवों, सीआरपीएफ, आईटीबीपी कैम्प, पुलिस चौकी जैसे अन्य स्थानों पर मलेरिया उन्मूलन के लिए सघन सर्वे किया गया है। इसी तरह जिले के चिन्हित विकासखण्ड मानपुर , मोहला, खैरागढ़ व छुईखदान के अति संवेदनशील ग्रामों में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य कीटनाशक बीमारियों से बचाव हेतु मच्छरदानी का उपयोग सुनिश्चित किए जाने के लिए वर्ष 2021 में अब तक 96,958 मच्छरदानी का वितरण 1 एपीआई से अधिक के ग्रामों में किया जा चुका है। मच्छरदानी के उपयोग हेतु जनजागरूकता के लिए मितानिन भी आवश्यक जिम्मेदारी निभा रही हैं। 

मलेरिया विभाग की जिला सलाहकार संगीता पांडेय ने बताया, “चिन्हांकित विकासखण्डों में 2 वार्षिक परजीवी सूचकांक से अधिक एवं संवेदनशील कुल 151 ग्रामों में डीडीटी पावडर का छिड़काव प्रथम चक्र में किया जा चुका है। साथ ही मलेरिया एवं डेंगू से बचाव हेतु विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं जिसके अंतर्गत जिला स्तर पर सर्वे दल का गठन किया गया है। सर्वे दल के द्वारा शहरी क्षेत्र में प्रत्येक गुरूवार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक बुधवार को सोर्स रिडक्शन गतिविधियां की जा रही हैं। इसके अंतर्गत प्रचार प्रसार के द्वारा लोगों को मलेरिया, डेंगू से बचाव हेतु आवश्यक प्रदान की जा रही है”।

इस संबंध में राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने लोगों से अपील की है कि “तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, उल्टी, शरीर पर दाने, नाक से खून आना या उल्टी में खून आना जैसी कोई भी शिकायत होने पर तुरंत निकट के स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं, ताकि शीघ्र बेहतर उपचार किया जा सके। साथ ही हमेशा मच्छरदानी लगाकर सोने की आदत डालें”। उन्होंने लोगों को स्वस्थ सेहत के लिए शुभकामना देते हुए कहा है कि “डेंगू एक प्रकार का बुखार है जो वायरस के संक्रमण से फैलता है लेकिन छोटी-छोटी सावधानियां अपनाई जाए तो डेंगू रोग होने से बचा जा सकता है। इसलिए सभी अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें और मच्छरों को पनपने से रोकने का प्रयास करें”।


शिविर लगाकर बताए रोकथाम के उपायः

डेंगू की रोकथाम के लिए शहरी स्तर पर भी जांच शिविर लगाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया से बचाव के तरीके बताए गए। इस दौरान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में लोगों की मलेरिया डेंगू की जांच गई। जिसमें कोई भी डेंगू, मलेरिया सकरात्मक नहीं मिला। इसके अलावा टेमीफास का छिड़काव पूरे प्रशिक्षण केंद्र में किया गया है । 


डेंगू की रोकथाम के लिए की जा रही गतिविधियां :

- जिला स्तर पर प्रति सप्ताह गुरुवार व विकासखण्ड स्तर पर प्रति सप्ताह बुधवार को ड्राय-डे। 

-स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका निगम की संयुक्त टीम द्वारा सोर्स रिडक्शन।

- सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में टेमीफास का छिड़काव। डेंगू के मच्छर की उत्पत्ति के साधनों को नष्टीकरण। 

 -डेंगू के संभावित प्रकरण पाए जाने पर आवश्यक उपचार। 

………………………

YOUR REACTION?

Facebook Conversations