BJP के लिए सतना बन चुकी है जीत का गढ़ पटेल और ब्राम्हण वोटरों ने बनाया भाजपा का अभेद किला
त्वरित खबरे-दीपमाला शेट्टी

 लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस चुनाव को लेकर सभी प्रत्याशियों के अलावा बीजेपी और कांग्रेस इस महायुद्ध की तैयारियां शुरू कर दी है। बीजेपी ने इस सीट से विधानसभा चुनाव हार चुके मौजूदा सांसद गणेश सिंह को पांचवी बार लोकसभा का टिकट दिया है। कांग्रेस की पहली लिस्ट का इंतजार किया जा रहा है जिससे साफ हो जाएगा कि गणेश सिंह का मुकाबला कांग्रेस के किस दिग्गज के साथ होगा। इससे पहले हम आपको इस सीट का इतिहास बताने जा रहे हैं कि यह गढ़ बीजेपी का अभेद किला क्यों माना जा रहा है और कांग्रेस को इसे भेदने के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ सकती है।  मध्य प्रदेश के सतना संसदीय क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान यहां स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मैहर और चित्रकूट हैं। इस सीट पर लगातार जीत का छक्का लगा चुकी भाजपा ने इसे अपना गढ़ बना लिया है। यहां ब्राह्मण और पटेल मतदाता राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं। अध्यात्म और व्यापार के क्षेत्र में धनी इस अंचल के राजनेता कई बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रहे हैं।सतना से सांसद बनने वाले तीन नेता कई राज्यों के राज्यपाल बने तो इस सीट से मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह ने भी चुनाव जीता। सतना से दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को एक साथ हार का चेहरा भी देखना पड़ा। वर्ष 1996 में भाजपा के सुखलाल कुशवाहा ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और स्वर्गीय वीरेंद्र सकलेचा को पराजित किया था।

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