भिलाई में ऑनलाइन IPL सट्टा नेटवर्क को लेकर दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना छावनी और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो सट्टा संचालन के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने का काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते, सिम कार्ड, चेकबुक और एटीएम कार्ड हासिल करता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन सट्टे में अवैध लेन-देन के लिए किया जाता था। आरोपी की पहचान अमानउद्दीन उर्फ अमन निवासी कैम्प-2 चटाई क्वार्टर भिलाई के रूप में हुई है।
दरअसल को दुर्ग पुलिस ने हैदराबाद से संचालित एक बड़े ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा पैनल पर कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, नगदी रकम, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। मामले की लगातार जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को म्यूल अकाउंट नेटवर्क का पता चला, जिसके जरिए करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन किए जा रहे थे।
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर अमानउद्दीन उर्फ अमन की भूमिका को चिन्हित किया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने कई अहम जानकारियां दीं। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जांच में इन मोबाइलों से ऑनलाइन पैसों के लेन-देन और विभिन्न बैंक खातों के उपयोग से संबंधित जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि आरोपी संगठित तरीके से ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल सट्टा कारोबार में किया जाता था।
दुर्ग पुलिस के अनुसार ऑनलाइन सट्टा गिरोह लगातार नए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों का उपयोग अवैध गतिविधियों में कर रहा था। कई लोगों को यह तक जानकारी नहीं होती थी कि उनके खाते का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और बैंक खातों के जरिए हुए ट्रांजेक्शन की भी गहन जांच की जा रही है।
मामले में थाना छावनी में अपराध क्रमांक 320/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा और साइबर आधारित आर्थिक अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें और इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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