भिलाई - उमरपोटी रिसाली निगम में शामिल होने पर विरोध किया जाएगा | कुछ दिनों से समाचार पत्रों, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया में खबर प्रकाशित हो रहा है | कि ग्राम पंचायत उमरपोटी नगर निगम रिसाली में शामिल होना है | इस खबर की पुष्टि के लिए जब सरपंच टिकेंद्र ठाकुर, उपसरपंच महेश कौशिक से संपर्क किया गया तब जानकारी प्राप्त हुआ | कि ग्राम पंचायत उमरपोटी को निगम में शामिल करने का प्रस्ताव मेयर इन काउंसिल रिसाली का निजी फैसला है | जिसमें किसी भी प्रकार से ग्राम पंचायत का सहमति या प्रस्ताव पंचायत द्वारा नहीं दिया गया | जबकि पूर्व में माननीय मंत्री महोदय ताम्रध्वज साहू जी के समक्ष पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा ग्राम पंचायत उमरपोटी को पंचायत में ही रखने का मांग किया जा चुका है, इससे स्पष्ट है कि पंचायत प्रतिनिधि और समस्त ग्रामवासी नगर निगम रिसाली में शामिल होने के पक्ष में बिल्कुल भी नहीं है | यह रिसाली निगम का निजी पारित प्रस्ताव है | जिस संबंध में अभी तक ग्राम पंचायत को किसी प्रकार का पत्र व्यवहार और ना ही आदेश प्राप्त हुआ | गांव की जनता जानती है कि पंचायत में रहने से क्या लाभ है | यदि गांव का विकास निगम बनने से ही होगा तो अभी तक कांग्रेस के 4 साल को छोड़कर रूआबांधा और रिसाली बस्ती, बोरसी बस्ती, पोटिया बस्ती, कसारीडीह, बघेरा बस्ती का कितना विकास हुआ है सभी के नजर के सामने हैं | गांव का अस्तित्व भी खो चुका, और रोजगार गारंटी जैसे शासन के अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं से भी वंचित होना पडा,यही हाल उमरपोटी का भी होना तय है, क्योंकि सघन बस्ती में रहने वाले मूल निवासी गरीब तबके के हैं | जोकि निगम के कर और नियम कानून को सहन करने की स्थिति में नहीं है | निगम में शामिल होने की इच्छा मात्र कुछ कतिपय लोगों की है जिसका की उमरपोटी गांव से कोई लगाव या सरोकार नहीं है और स्वयं का निजी हित चाहते हैं | निगम में शामिल होने के खबर मात्र से गांव के जनता काफी आक्रोशित है और किसी भी स्थिति में इस फैसले के खिलाफ है निगम के इस प्रस्ताव से पंचायत प्रतिनिधि व आम जन किसी भी प्रकार से सहमत नही है समय आने पर इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा |
त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरो

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