बेमेतरा- बेमेतरा जिले में किसानों की भूमि और खरीफ फसलों के आकलन के लिए राजस्व विभाग गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करा रहा है। जुलाई माह से ही गिरदावरी कार्य शुरू हो गया है। जिसे 30 सितंबर तक पूरा करना है। अपर कलेक्टर सहित अपने-अपने क्षेत्रों बेमेतरा तहसील के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित, बेरला, साजा,और नवागढ़ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने किसानों के जमीन का आंकलन मौके पर पहुँचने का सिलसिला आज से शुरू कर दिया है ।गिरदावरी के दौरान स्थल का मौका मुआयना करने पर वास्तविक स्थिति का भी पता चलेगा।
अपर कलेक्टर सी.एल मार्कण्डेय ने आज रैंडमली निरीक्षण करने स्वयं खेतों में पहुँचें। ग्राम कंतेली और सिंघौरी में लगभग 100 खसरों का मौके पर जाकर गिरदावरी निरीक्षण किया। उनके साथ डिप्टी कलेक्टर पिंकी मनहर और अधीक्षक भू अभिलेख आशुतोष गुप्ता ने भी निरीक्षण किया। मौके पर हल्का पटवारी, कोटवार, ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव और कृषकगण उपस्थित थे।
अपर कलेक्टर मार्कण्डेय ने कहा निरीक्षण के दौरान कहा कि समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत रकबे के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाता है। इसके लिए वास्तविक कृषक, उनके सही रकबे एवं उसमें लगाई गई फसल का सत्यापन होना अत्यंत आवश्यक है। जिले में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां धान के अतिरिक्त अन्य फसलों का वृहद क्षेत्र में उत्पादन किया जाता है। अतः अभियान के रूप में त्रुटिरहित गिरदावरी किया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अपर कलेक्टर मार्कण्डेय कहा कि किसानों को गिरदावरी का काम पूरा होने बाद कई फायदे होंगे। गिरदावरी का काम पूरा होने के बाद फसल कटाई, फसल खराब, फसल उत्पादन की सही जानकारी मिलेगी। किसानों को फसल में हुए नुकसान, अकाल की स्थिति और आरबीसी 6-4 के तहत सही मुआवजा भी मिलेगा। किसानों के सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेंगे। इससे खाद-बीज के लिए लोन लेने के अलावा फसल बेचने में भी सुविधा होगी।
कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने आर.आई सर्कल वार निरीक्षण अधिकारियों की भी नियुक्ति कर दी है। स्वयं भी इस बार इस कार्य को रैंडम निरीक्षण करने स्वयं खेतों में पहुँचेंगे।उन्होंने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों से कहा कि यह उनका मूल काम है। इस काम में किसी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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