भिलाई १२ अप्रैल छावनी थाना क्षेत्र के सूर्या नगर में दो दिन पहले हुए अग्निकांड में सोमवार को राजस्व और नगर निगम की टीम में पंचनामा तैयार कर लिया है। इसके मुताबिक आगजनी में 163 झुग्गियां जलकर खाक हो गई थी। इससे 131 परिवार के 6 सौ लोग प्रभावित हुए हैं।
टीम पीड़ितों का नाम की तस्दीक और नुकसान का आंकलन करने के बाद आपदा प्रबंधन मद से आर्थिक सहायता देगी। पीड़ितों ने घटना से हुए नुकसान का आंकलन 1 से 5 लाख के बीच किया है। जबकि जिला प्रशासन पीड़ितों को आपदा प्रबंधन मद से सिर्फ 7 हजार 9 सौ रुपए की आर्थिक सहायता कर सकती है।
यही वजह है कि अफसर पीड़ितों के नुकसान का आंकलन की लिखा पढ़ी नहीं कर रहे हैं। अधिकारी पंचनामा में सिर्फ पीड़ितों के नाम और सदस्यों का जिक्र कर रहे हैं। अफसरों का तर्क है कि कच्चे मकान, कपड़े और बर्तन के नुकसान की भरपाई कर पाना संभव है। इसके साथ मुख्यमंत्री सहायता कोष, जिला प्रशासन के आर्थिक सहायता, जिला माइनिंग फंड से भी पीड़ितों की आर्थिक सहायता कर सकते हैं।
इन सभी मद में न्यूनतम 10 हजार और अधिकतम राशि का निर्णय अफसर कर सकते हैं। सिलेंडर ब्लॉस्ट होने की स्थिति में वैलिड कार्ड होने पर गैस एजेंसी भी इंश्योरेंस का पैसा देती है। इसके अलावा विधायक भी अपने मद से आर्थिक सहायता कर सकते हैं।
इन पहलुओं पर बनेगी मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट, एसडीएम को दी गई जिम्मेदारी
कलेक्टर ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच अनुविभागीय दंडाधिकारी भिलाई नगर मुकेश रावट करेंगे। जांच के लिए 7 बिंदु तय किए गए हैं। इनमें घटना कैसे घटित हुई?, क्या घटना में कोई हताहत हुआ है, यदि हां तो क्या उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी? क्या आग बुझाने क्या पर्याप्त कार्रवाई की गई? घटना किन परिस्थितियों में हुई? क्या इसे टाला जा सकता था? घटना के लिए कोई जिम्मेदार तो नहीं है? जांच रिपोर्ट एक महीने में तैयार करके एसडीएम सौंपेंगे।
पूर्व विस अध्यक्ष ने की सीएम रिलीफ फंड से 2 लाख रुपए देने की मांग
सूर्या नगर में झुग्गी बस्तियों में आग्निकांड से प्रभावित लोगों के पुनः व्यवस्थापन में निगम अमला जुटा है। सोमवार को भी सुबह-सुबह मेयर नीरज पाल घटनास्थल पर पहुंचे थे। निगम ने बांस और बल्ली प्रभावितों को मुहैया कराई। इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय ने सीएम से मुख्यमंत्री राहत कोष से हर प्रभावित परिवार को 2 लाख देने की मांग की। वहीं सांसद विजय बघेल ने भी बेघर लोगों की पीड़ा सुनी, समस्या दूर करने का भरोसा दिया। विधायक देवेंद्र यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, एमआईसी मेंबर एकांश बंछोर, सीजू एंथोनी, पार्षद पीयूष मिश्रा, विनोद चेलक, लक्ष्मी साहू, प्रियंका साहू भी पहुंचे थे।
अलर्ट रहें: गर्मी में ऐसी घटनाएं ज्यादा
दमकल विभाग के मुताबिक गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाएं ज्यादा होती हैं। वर्ष 2017 से 11 अप्रैल 2022 के बीच 1229 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें पैरावट में लगी आग से लेकर घर, दुकान, होटल और कमर्शियल कांप्लेक्स की घटनाएं शामिल हैं। वर्ष 2017 में सिर्फ 96 घटनाएं हुई थी। वर्ष 2018 में 223, 2019 में 341, वर्ष 2020 में 231, वर्ष 2021 में 266 और वर्ष 2022 के चार महीने में 72 घटनाएं हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक बिजली के दबाव व शार्ट सर्किट की वजह से ज्यादा घटनाएं गर्मी के मौसम में होती है।
निर्धारित मद से की जाएगी मदद
नियमानुसार पीड़ितों को आपदा प्रबंधन मद से आर्थिक सहायता दी जाएगी। कच्चे मकान, कपड़े और बर्तन के नुकसान होने पर 7 हजार 9 सौ रुपए देने का प्रावधान है। मजिस्ट्रियल जांच एसडीएम भिलाई नगर को सौंपी गई है। एक महीने में एसडीएम को रिपोर्ट देना है। नगर निगम अपने स्तर पर पीड़ितों को नई झोपड़ी बनाने बांस बल्ली के साथ जरुरत की वस्तुएं मुहैय्या करवा रहा है।
सूर्या नगर आगजनी घटना

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