आबकारी विभाग के अधिकारियों ने एक गर्भवती महिला को कंट्रोल रूम में पूरी रात बैठाए रखा था। यह खबर मिलने के बाद दुर्ग कलेक्टर एसएन भूरे ने नाराजगी जताई है। उन्होंने नोटिस जारी कर आबकारी अधिकारी से जवाब मांगा है कि शराब कोचिया न पकड़े जाने पर उसकी गर्भवती पत्नी और बहन को किस आधार पर रातभर आबकारी कंट्रोल रूम में बैठाकर रखा गया। सात दिन के भीतर यदि सही जवाब नहीं मिलता है तो आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
आबकारी उपनिरीक्षक स्वाती चौरसिया ने मुखबिर से सूचना के आधार पर गत 29 जनवरी शनिवार देर रात 12 बजे रामनगर मुक्तिधाम में छापेमार कार्रवाई की थी। यहां उन्होंने एक सफेद रंग की विस्टा कार सीजी 07 एवी 2913 में एमपी निर्मित गोवा शराब जब्त की थी। कार्रवाई के दौरान कार लावारिस हालत में मिली थी, इसलिए आबकारी अधिकारी ने कार को जब्त करने से पहले वहां एक सिपाही को खड़ा किया था। सिपाही जागेश्वर कार की निगरानी कर ही रहा था कि इतने में शराब कोचिया आदित्य मानिकपुरी अपने साथी विनय और एक अन्य के साथ पहुंचा और सिपाही की पिटाई कर दी। मारपीट के बाद तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए। जब लोगों ने आबकारी अधिकारी को बताया कि कार आदित्य मानिकपुरी है तो आबकारी की टीम उसके घर पहुंच गई। उन्होंने गुस्से में आदित्य की 6 माह से गर्भवती पत्नी और बहन को अपने साथ आबकारी कंट्रोल रूम सेक्टर 1 ले गए। वहां उन्हें पूरी रात व दिनभर बैठाकर रखा गया।
शराब कोचिया ने नहीं किया सरेंडर
आबकारी अधिकारियों ने 8 पेटी शराब से भरी कार सीजी 07 एवी 2913 जप्त कर लिया है। पार्षद रामानंद मौर्य की गारंटी पर आबकारी ने कोचिया की पत्नी और बहन को छोड़ा था। पार्षद ने गारंटी दी थी कि आरोपी आदित्य मानिकपुरी को दो दिन के अंदर पेश करा दिया जाएगा। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने एक दिन का और समय दिया है। यदि आरोपी सरेंडर नहीं करता तो वह उसकी तलाश करने सहित पार्षद पर कार्रवाई को लेकर उच्चाधिकारियों से सलाह लेंगे और उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

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