- छूटे हुए बच्चों के लिए 9 और 10 मई को मॉपअप राउंड
कबीरधाम, 05 मई 2022.
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर एक से 19 वर्ष आयु के 3 लाख से अधिक बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि से बचाव हेतु एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य लेकर जिले में विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, तकनीकी शिक्षा विभागों तथा नगरीय निकाय के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार साल में 2 बार कृमिमुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग की भागीदारी होती है। इस वर्ष भी जिले के सभी लक्षित बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाया जाएगा, इसमें आंगनबाड़ी, शालेय और शाला त्यागी बच्चे शामिल हैं। जिला अस्पताल परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ.सुजॉय मुखर्जी व सिविल सर्जन डॉ.पीसी प्रभाकर ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर की।
इस मुहिम के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुज़ॉय मुखर्जी ने बतायाः “कृमि से बचाव के लिए 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 200 एमजी और 5 से अधिक उम्र के बच्चों को 400 एमजी एल्बेंडाजोल खिलाया जाता है। इसी कड़ी में कबीरधाम में 1.01 लाख, बोड़ला में 83,766, सहसपुर लोहारा में 68,151 व पंडरिया में 1.14 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। छूटे हुए बच्चों के लिए आगामी 9 और 10 मई को मॉपअप राउंड चलाया जाएगा।” उन्होंने आगे बतायाः “चिन्हित बच्चों व किशोर-किशोरियों को मितानिन द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से अपने कार्यक्षेत्र के सभी घरों का भ्रमण कर कृमिनाशक दवा दी जाएगी। एल्बेंडाजोल की गोली बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित है। दवा खाने के उपरांत यदि कोई प्रतिकूल प्रभाव हो तो प्रबंधन के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपचार की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई है। कृमि मुक्ति दिवस पर बीमार बच्चों या पहले से कोई अन्य दवाई ले रहे बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 से संबंधित जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क व सैनेटाइजर का प्रयोग किया जाएगा।”
कृमि होने के कारण व नुकसानः
कृमि मुक्ति के लिए अभियान की शुरुआत करते हुए डॉ.सुजॉय मुखर्जी ने कहा, “नंगे पैर चलने, बिना हाथ धोए खाना खाने व खुले में शौच करने आदि कारणों से कृमि की समस्या होती है। कृमि के कारण खून की कमी (एनीमिया) , कुपोषण, भूख न लगना, थकान , बेचैनी, पेट मे दर्द, मितली, उल्टी-दस्त और वजन में कमी आदि की समस्याएं होती हैं। इस समस्या के निदान के लिए स्वच्छता के साथ-साथ कृमि मुक्ति के लिए एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाती है।”
बच्चों के लिए फायदेमंद है यह खुराक:
कृमि संक्रमण चक्र की रोकथाम के लिए यह गोली बच्चों को देना आवश्यक है। कृमि बच्चों के स्वास्थ्य शिक्षा और संपूर्ण विकास को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। कृमिनाशक की गोली से बच्चों के संपूर्ण शारीरिक मानसिक विकास में मदद मिलती है। इसलिए कृमि नाशक गोली खिलाना लाभदायक है।

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