13 अक्टुबर 2022
गरियाबन्द। गरियाबन्द जिले के 250 गांव के 3 लाख लोगों को जल्द ही बिजली की निर्बाधित सेवा मिलेगी. समय के साथ 50 साल पहले बनी व्यवस्था के धराशाई होने से हलाकान ग्रामीणों की सुविधा के लिए 52 करोड़ रुपए की लागत से 132 केव्ही स्टेशन को मंजूरी दी गई है.
बता दें कि गरियाबंद जिले के ओड़िसा सीमा से लगे देवभोग व मैनपुर क्षेत्र के 250 गांवों के लिए 60 के दशक में 11 केव्ही स्टेशन के जरिए बिजली सप्लाई की जाती है. यह व्यवस्था विगत कुछ वर्षों में चरमरा गई है, जिसकी वजह से ग्रामीणों को आए दिन बिजली की समस्या झेलनी पड़ रही है. इस संबंध में ग्रामीणों के आवेदन पर नई व्यवस्था बनाई जा रही है.
250 गांव के 3 लाख लोगों की सुविधा के लिए इंदागांव में 52.50 करोड़ लागत से 132 केव्ही स्टेशन की मंजूरी दी गई है. इसके लिए 80 किमी दूर धमतरी जिले से 233 टावरों के सहारे लाइन बिछा दिया गया है. स्टेशन का कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कलेक्टर प्रभात मलिक कार्य की सतत् निगरानी कर रहे हैं.
दावा किया जा रहा है कि आने वाला साल के पहले महीने में स्टेशन से बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. इस प्रॉजेक्ट के शुरू होते ही न केवल बिजली सेवा मिलेगा, बल्कि छोटे व कुटीर उद्योग की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. माना जा रहा है कि क्षेत्र की आर्थिक मजबूती में 132 केव्ही परियोजना रीढ़ की हड्डी साबित होगी.

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