7 मासूमों के मौत से मातम; आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स की दुकानें बंद कराईं

त्वरीत खबरे -सिरोही में अनजान बीमारी से दहशत:

सिरोही जिले के फुलाबाई खेड़ा में रहस्यमयी बीमारी से चार दिन में 7 बच्चों की मौत से गांव में मातम के बीच दहशत पसरी है। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की जांच टीमें मासूमों की मौत की सटीक वजह जानने में जुटी हैं। टीमों ने गुरुवार को गांव में 250 से ज्यादा घरों का सर्वे किया। घर-घर जाकर 58 बच्चों के खून के सैंपल लिए। उसे जांच के लिए लैब में भेजा गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों की मौत वायरल (एक्यूट फेस ऑफ वायरस) की वजह से हुई है। बच्चे तीन दिन से बीमार थे। इसके साथ ही इलाके में दुकानों से आइसक्रीम और कुछ ठंडे पेय पदार्थों के सैंपल लेकर इनके बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है। वहीं, पीड़ित परिवार के लोगों का कहना है कि बच्चों को तान, जकड़न आने और खून की उल्टी हुई थी। इसके बाद तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।

गुरुवार को भी बिगड़ी थी तीन बच्चों की तबीयत
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जोगेश्वर प्रसाद ने बताया कि गुरुवार को योगेश (4) पुत्र विकाराम, वाकाराम (11) पुत्र थावराराम, गुड़िया (11) पुत्री सोनाराम की तबीयत बिगड़ गई थी। इन्हें इलाज के लिए 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। इन बच्चों के भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। कलेक्टर भंवरलाल चौधरी ने बताया कि गांव के दूसरे बच्चों की भी जांच की जा रही है। जिन बच्चों की मौत हुई है, उन्हें खून की उल्टी हुई थी। आशंका है कि वायरल या दूसरी चीजों से भी ऐसा हो सकता है।

AIIMS की टीम जानकारी जुटा रही
जयपुर और जोधपुर से आई AIIMS की टीमें इस अजीबोगरीब बीमारी को लेकर जानकारी जुटा रही है कि इन बच्चों की मौत कैसे हुई? टीमों ने स्थानीय मेडिकल अधिकारियों और प्रशासन से बात की और पीड़ित परिजन से भी मुलाकात कर पूछताछ की।

टीम ने ठेलों पर बिक रहे पेय पदार्थों के सैंपल लिए

चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुकानों और ठेलों पर बिकने वाले ठंडे पेय पदार्थों के सैंपल लिए। प्रशासन ने कई पेय पदार्थ जब्त करते हुए दुकानदारों और ठेला संचालकों को इन्हें नहीं बेचने के निर्देश दिए। दूसरी ओर फुलाबाई खेड़ा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग बहुत डरे हुए हैं। बच्चों को घरों से बाहर निकलने दे रहे हैं। पिंडवाड़ा BCMO डॉ. एसपी शर्मा ने बताया कि दुकानों और ठेले पर बिकने वाले पेय पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए जयपुर व जोधपुर भेजा जा रहा है।

वायरल की वजह से हुई बच्चों की मौत
पीएमओ एके मौर्य ने बताया कि प्रारंभिक जांच और सर्वे में सामने आया है कि बच्चों की मौत वायरल (एक्यूट फेस ऑफ वायरस) की वजह से हुई है। बच्चे तीन दिन से बीमार थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। जिन बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, इनमें एक में निमोनिया के लक्षण थे। उसे सिरोही डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल रेफर किया गया है।

हेल्थ मिनिस्टर ने कहा- सर्वे पूरा कर लिया है
इस मामले को लेकर प्रदेश के हेल्थ मिनिस्टर परसादी लाल मीणा ने कहा कि कलेक्टर से इस बारे में बात की गई है। उन्होंने बताया कि वायरल की वजह से यह मौत हुई है। बच्चों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। जोधपुर और जयपुर से भी मेडिकल टीमें वहां पहुंच चुकी हैं।