भिलाई में जनसमस्याओं पर एक्शन मोड में विधायक देवेंद्र यादव, जल संकट और खेल चयन विवाद पर दिए जांच के निर्देश

त्वरित खबरें : अरुण रिपोर्टिंग

भिलाई, भिलाई नगर क्षेत्र में बढ़ती जनसमस्याओं को लेकर विधायक Devendra Yadav लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान विधायक ने क्षेत्र की जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, खिलाड़ी एवं विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग पहुंचे और अपनी समस्याओं से विधायक को अवगत कराया।

कार्यक्रम में सबसे अधिक शिकायतें गर्मी के मौसम में गहराते जल संकट और बिजली समस्या को लेकर सामने आईं। खुर्सीपार और छावनी क्षेत्र से पहुंचे नागरिकों ने विधायक को बताया कि कई इलाकों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। लोगों ने यह भी शिकायत की कि कई स्थानों पर कैमिकल युक्त दूषित पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी गई।

जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक देवेंद्र यादव ने तत्काल जोन-4 खुर्सीपार निगम क्षेत्र के अधिकारियों को बुलाकर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल संकट का शीघ्र समाधान किया जाए तथा लोगों को स्वच्छ और नियमित पानी उपलब्ध कराया जाए। विधायक ने साफ कहा कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने बिजली विभाग से समन्वय कर बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या का समाधान करने के निर्देश भी दिए।

भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था, नाली, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी आवेदन सौंपे। विधायक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

इसी दौरान कुछ खिलाड़ी और खेल प्रेमी भी विधायक से मिलने पहुंचे। उन्होंने राज्य स्तरीय बास्केटबॉल चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। खिलाड़ियों ने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और नियमों की अनदेखी की गई है। खिलाड़ियों के अनुसार एक निजी अकादमी से 8 लड़कियों और 3 लड़कों का चयन किया गया, जबकि संबंधित अकादमी छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ से मान्यता प्राप्त संस्था नहीं है।

खिलाड़ियों ने यह भी आरोप लगाया कि बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक किसी एक संस्था से अधिकतम चार खिलाड़ियों का ही चयन किया जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर अधिक खिलाड़ियों को शामिल किया गया। खिलाड़ियों ने बाहरी प्रतिभागियों को प्राथमिकता देने, स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की अनदेखी करने, भाई-भतीजावाद और पैसों के प्रभाव जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि चयन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही चयन सूची तय कर ली गई थी और उनके पास इससे जुड़े पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं।

विधायक देवेंद्र यादव ने खिलाड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और यदि चयन प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई तो जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने कहा कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को उचित अवसर मिलना चाहिए ताकि वे राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।