कबीरधाम, 25 मार्च 2022.
मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) पंडरिया में सिजेरियन सेवाएं शुरू होने के सप्ताह भर में ही तीन जटिल प्रसव प्रकरणों का सी सेक्शन किया जा चुका है। इसके अलावा लोहारा में भी तीसरा सी सेक्शन लोहारा व जिला अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया गया है। इस सफलता के लिए टीम की मेहनत पर प्रसन्नता जताते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष व जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने आगे भी इसी प्रकार जनसेवा बढाने की शुभकामनाएं दी है। सिजेरियन संबंधी सफलता का श्रेय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुजॉय मुखर्जी को देते हुए कलेक्टर ने उम्मीद जताई है कि इस तरह के सामूहिक प्रयास आगे जाकर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी बेहतर व सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
अधिकारियों ने कहा कि जच्चा व बच्चा की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए संस्थागत प्रसव पर कबीरधाम जिले में लगातार जोर दिया जा रहा है। इसी वजह से जिले का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों अपनी बेहतर सेवाओं के लिए चर्चा में है। जिला अस्पताल को अपडेट करने के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की रफ्तार बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में लम्बे समय से निर्मित पंडरिया एमसीएच में भी अब प्रसूताओं की जटिल स्थितियों में सीजर की सेवा शुरू कर दी गई है। दो दिन पहले पंडरिया ब्लाक के धरमपुरा गांव निवासी 27 वर्षीय महिला ने बालक शिशु को जन्म दिया। प्रसूता को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था लेकिन डॉक्टरों की टीम के प्रयास से प्रसूता का सफल सिजेरियन किया गया और अब जच्चा व बच्चा स्वस्थ हैं।
गम्भीर थी प्रसूता की हालत, डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने बचाई दो की जान
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. सुजॉय मुखर्जी ने बतायाः “महिला की यह दूसरी डिलीवरी है। पहला बच्चा भी निजी अस्पताल में सिजेरियन से हुआ था। बच्चा उल्टा होने व नाल गले में फंसे होने के कारण स्थिति गम्भीर हो रही थी। बच्चे की धड़कन काफी कम थी जिसके कारण सिजेरियन करने का निर्णय लिया गया। सीजर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अजित राडेकर, लोहारा बीएमओ डॉ. संजय खरसन व डॉ. पुष्पा खरसन सहित पूरी टीम ने सरहानीय प्रयास किया है। डॉ. संजय खरसन के प्रयासों से इससे पूर्व भी दो सफल सिजेरियन करवाया जा चुका है।“
सुरक्षित प्रसव के लिए ऐसे चला टीम वर्क
लेडी हेत्थ विजिटर सुभद्रा चंद्राकर ने प्रसूता की जानकारी फोन पर चिकित्सकों को दी, इसके पश्चात मितानिन ममता मरावी ने एंबुलेंस-102 की सेवा लेकर प्रसूता को तत्काल अस्पताल में दाखिल कराया। यहां जांच करने पर पता लगा कि गर्भस्थ शिशु उल्टा हो गया है तथा उसकी नाल गले में फंसी हुई है और इसी वजह से प्रसूता की स्थिति बिगड़ रही है। इस पर स्वास्थ्य दल ने बिना देरी किए प्रसूता का सिजेरियन करने का निर्णय लिया जिसके बाद अब जच्चा व बच्चा दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है। लोहारा ब्लाक चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय खरसन ने बतायाः “स्वास्थ्य दल की तत्परता व प्रसूता के सही समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण ही सिजेरियन सफल रहा।अब जच्चा व बच्चा सुरक्षित हैं।“