शिक्षिका सहित तीन लोग ठगी के शिकार ,

त्वरित ख़बरें - जालसाजी से आप भी सावधान रहे, किसी भी अनचाहे लिंक, गोल्डन सिम के लालच में फंसने से बचे,

त्यौहार के समय जालसाज भी सक्रिय हो जाते हैं। होली के पहले शहर में एक शिक्षिका सहित तीन लोग ठगी के शिकार बने। जालसाजी के इन तरीकाें से आप भी सावधान रहो। किसी भी अनचाहे लिंक, गोल्डन सिम के लालच में फंसने से बचना है। क्रेडिट कार्ड प्रयोग कर रहे हैं तो भी सावधान रहें। सिक्युरिटी प्लान रद्द कराकर भी जालसाज सेंध लगा ले रहे।

गोरखपुर पुलिस के मुताबिक सैनिक सोसायटी दानव बाबा निवासी दिव्या चतुर्वेदी एप के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाती हैं। उनका कटंगा स्थित एसबीआई में खाता है। वे यूपीआई एप भी मोबाइल पर चलाती हैं। उनके मोबाइल पर चार मैसेज के लिंक आए। उन्होंने दी गई लिंक पर क्लिक किया। ऐसा करते ही उनके खाते से चार बार में 76 हजार रुपए कट गए। खाते से रकम कटने का मैसेज आने पर वह अपने बैंक गईं, पर अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद वह गोरखपुर थाने पहुंची और सायबर ठगी का मामला दर्ज कराया।

गोल्डन सिम के झांसे में फंसाकर 41 हजार ठगे

दूसरा प्रकरण कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। क्षेत्र में स्पेयर पार्ट की दुकान चलाने वाले गुप्तेश्वर वार्ड निवासी हरजिंदर सिंह के एक रिश्तेदार के मोबाइल पर इंटरनेट कॉल आया। कॉल करने वाले बताया कि वह एक कंपनी का एजेंट है। उसने गोल्डन नंबर का सिम देने का झांसा दिया। रिश्तेदार ने हरजिंदर से बात कराई। हरजिंदर ने उससे 9000000000 नंबर का सिम मांगा। जालसाज ने सोशल मैसज भेजकर सिम अलॉट होने की जानकारी दी। इस पर हरजिंदर ने उसके बताए गए खाते में 41 हजार 306 रुपए ट्रांसफर कर दिए। पर उसे न तो सिम मिला और न ही पैसे वापस हुए।

बैंक अधिकारी बनकर महिला को ठगा

रविंद्र नगर अधारताल निवासी रश्मि चौहान के मोबाइल पर 14 मार्च को एक कॉल आया। कॉलर ने बताया कि वह बैंक अधिकारी है। उसने महिला के क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी मांगी। इसके बाद सुरक्षा उपाए बताए। रश्मि चौहान की सहमति देते ही उनके खाते से 99 हजार 990 रुपए कट गए। पैसे कटने का मैसेज आते ही उन्होंने क्रेडिट कार्ड से लेन-देन पर रोक लगाई और फिर अधारताल थाने पहुंच कर एफआईआर दर्ज कराई।