मामला छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान सोनहत वन परिक्षेत्र का है जहां पर इस समय अवैध कटाई का सिलसिला जोरों से चल रहा है हम आपको बता दें कि रिजर्व फॉरेस्ट होने के बाद भी अवैध लकड़ियों की कटाई नहीं रोकी जा रही है या यूं कहें कि नहीं रोक पा रहे हैं कुछ ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं जिनके अगल बगल गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान वन परिक्षेत्र सोनहत लगा हुआ है उन्हीं क्षेत्रों में परिक्षेत्र के किनारे बड़ी तादाद पर लकड़ियों की कटाई की गई है और देखा जाए तो ठूठ पर ठूठ दिखते हैं लोलकी गांव के किनारे पूरा रिजर्व फॉरेस्ट गुरु घासीदास वन परिक्षेत्र सोनहत आता है इसी ग्रामीण क्षेत्र के किनारे- किनारे पूरा आप देख सकते हैं अवैध कटाई की गई है और वहां के जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे अगर अवैध कटाई का सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा तो 1 दिन ऐसा भी आएगा की जंगल साफ मैदान की तरह दिखाई देगा वन परीक्षेत्र अधिकारी के द्वारा किए गए गैर जिम्मेदाराना कार्यों की कोई भी कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की जाती है विभाग के द्वारा अलर्ट सरकारी क्वार्टर में ना रह कर वन परीक्षेत्र अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र से लगभग 40 किलोमीटर दूर कोरिया बैकुंठपुर मुख्यालय में रहते हैं
मिली जानकारी के अनुसार नहीं रहते हैं वन परीक्षेत्र अधिकारी गुरु घासीदास सोनहत अपने विभाग द्वारा अलर्ट किए गए सरकारी क्वार्टर मे प्राप्त जानकारी के अनुसार वन परीक्षेत्र गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान सोनहत से 40 किलोमीटर दूर वन परीक्षेत्र अधिकारी मुख्यालय बैकुंठपुर में रहते हैं_