लॉकडाउन के दौरान कॉलेज की छात्राओं और महिलाओं ने शुरू किया बैंड

त्वरित ख़बरें - महिला बैंड के नाम से मशहूर इस बैंड की धूम आज फॉरेन कंट्री तक

कोविड लॉकडाउन में जब लोग घरों में कैद थे, तब जबलपुर की कुछ छात्राओं और महिलाओं ने एक बैंड की नींव रखी। महिला बैंड के नाम से मशहूर इस बैंड की धूम आज फॉरेन कंट्री तक है। श्रीजानकी रमन महिला बैंड के परफॉर्मेंस के आप भी कायल हो जाएंगे।

बैंड की शुरूआत 11 छात्राओं से हुई। लॉकडाउन खुला तो 20 और 21 सितंबर 2020 को पहली बार इस ग्रुप ने श्रीजानकी रमण महाविद्यालय में परफॉर्मेंस दी। इसे ऑनलाइन भी किया गया। आदिवासी-जनजातीय गीत, कबीरा, भवानी प्रसाद मिश्रा की कविताएं, बुंदेली गीत के प्रसारण ने देखते ही देखते इस ग्रुप को प्रसिद्धि दिला दी। लोगों ने खूब सराहा। लॉकडाउन खुला तो इस महिला बैंड ने वैक्सीनेशन अवेयरनेस की भी मुहिम चलाई।

बैंड को ऐसे मिला नाम

श्रीजानकी रमण महाविद्यालय के डॉ. अभिजात त्रिपाठी ने इस महिला बैंड को श्रीजानकी बैंड ऑफ वूमेन नाम दिया। ये ग्रुप गवर्मेंट फंक्शन्स में भी परफॉर्मेंस देने लगा। पंजाबी साहित्य अकादमी भोपाल, भोजपुरी अकादमी भोपाल, स्वराज संचनालय भोपाल, संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, संस्कृति मंत्रालय में शानदार प्रस्तुति ने बैंड को एक अलग पहचान दे दी। 11 छात्राओं से शुरू हुआ इस महिला बैंड में अब 22 महिलाएं व छात्राएं जुड़ चुकी हैं।

वाद्य यंत्रों पर अंगुलियों का जादू

बैंड में संगीत निर्देशन डॉ. क्षिप्रा सुलेरे, सितार पर मुस्कान सोनी, तबले पर मनीषा तिवारी, गिटार पर उन्नति तिवारी, श्रेया ठाकुर, केहोन पर मानसी सोनी, वायलन पर अनामिका कश्यप की अंगुलियों का जादू दिखता है। अंजली सोनी, शालिनी अहिरवार, श्रुति जैन, पलक गुप्ता, रंजना निषाद, माही सोनी और तनीशा लुनारे के सुर मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

अब तक 34 परफॉर्मेंस दे चुकी महिला बैंड

श्रीजानकी रमन बैंड अब तक 34 परफॉर्मेंस भोजपुरी, आदिवासी, छत्तीसगढ़ी बुंदेली, शास्त्रीय, रविंद्र संगीत, पंजाबी लोकगीत, कविताएं देशभक्ति की दे चुका है। आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज में इस बैंड को पहली आय लगभग 30 हजार रुपए की हुई थी। इसमें श्रीजानकी वूमेन बैंड ने तीन प्रस्तुतियां दी थीं। 12 मार्च को उनका अगला कार्यक्रम खुरई में है।

लगातार हुनर को निखारने में जुटीं

आदिवासी लोक गीतों के लिए नाट्य लोक संस्था के अध्यक्ष विनय शर्मा द्वारा इस बैंड की छात्राओं व महिलाओं को मार्गदर्शन दिया जाता है। बैंड की परिकल्पना एवं संयोजन परविंदर सिंह ग्रोवर द्वारा किया गया है। महिलाओं को अब संस्था के द्वारा अलग-अलग विधाओं जैसे सितार, वायलन, बांसुरी जैसे वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। श्रीजानकी बैंड से दूसरी प्रतिभाशाली छात्राओं व महिलाओं का जुड़ना जारी है।