छत्तीसगढ़ के सरगुज़ा में दसवीं और बारहवीं के 372 छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा में एब्सेंट मानकर उन्हें फेल कर दिया गया है. दरअसल ये छात्र इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने के विरोध में चक्काजाम और प्रदर्शन कर रहे थे. स्कूल ने एक्शन लेते हुए सभी छात्रों को प्रैक्टिकल एग्जाम में फेल कर दिया है. ये सभी विद्यार्थी कल यानी 22 फरवरी को नेशनल हाइवे -43 पर हुए प्रदर्शन में शामिल थे, जो स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने का विरोध कर रहे थे.
इंग्लिश मीडियम स्कूल खुलने से होगी परेशानी –
विरोध कर रहे इन छात्रों का कहना था कि यहां इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलकर हिंदी मीडियम को बंद कर दिया जाएगा तो वे लोग कहां जाएंगे. इस बात को मुद्दा बनाकर सैंकड़ों बच्चों ने अम्बिकापुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग – 43 जाम कर दिया था. चक्काजाम में शामिल इन विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने बताया कि इस कार्यवाही की पूरी जिम्मेदारी छात्रों की है. विद्यालय का अनुशासन भंग करने के कारण उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी. इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा ने जिले के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को सचेत किया है कि किसी प्रकार की अनुशासनहीनता का काम न करें और विद्यालय के अनुशासन एवं गरिमा को बनाए रखते हुए आगामी 02 मार्च से आयोजित बोर्ड परीक्षा में शामिल हों.
आशंका पर कर रहे हैं विरोध – प्रदर्शन –
जिला शिक्षा अधिकारी ने आगे बताया कि उत्कृष्ट विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के द्वारा इस आशंका पर कि हिन्दी माध्यम विद्यालय बंद किया जा रहा है, उन्होंने स्थानीय कुछ लोगों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 अम्बिकापुर-रायगढ़ मार्ग पर चक्का जाम किया. इससे स्कूल का अनुशासन भंग हुआ है.