भिलाई-3। न्याय को आम नागरिकों के और करीब पहुंचाने तथा न्यायिक सेवाओं की पहुंच को अधिक सुगम बनाने की दिशा में भिलाई-3 में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक), जिला दुर्ग का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। इस नई न्यायिक सुविधा के प्रारंभ होने से भिलाई-3 एवं आसपास के क्षेत्र के नागरिकों को न्यायिक कार्यवाहियों के लिए अधिक सुविधाजनक और निकटस्थ मंच उपलब्ध होगा।
मुख्य न्यायाधिपति ने किया वर्चुअल उद्घाटन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने माननीय श्री न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला दुर्ग की गरिमामयी उपस्थिति में भिलाई-3 स्थित जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक) का वर्चुअल उद्घाटन किया।
उद्घाटन को क्षेत्र में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भिलाई-3 तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है और यहां आबादी के विस्तार के साथ न्यायिक एवं विधिक आवश्यकताएं भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा उपलब्ध होने से आम नागरिकों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
न्यायिक सेवाओं को नागरिकों के और करीब लाने की पहल
वर्चुअल उद्घाटन के अवसर पर मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मुख्य उद्बोधन दिया। उन्होंने न्यायिक सेवाओं के विस्तार और आम नागरिकों तक न्याय की सुगम पहुंच से जुड़े महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए।
भिलाई-3 में न्यायिक सुविधा का विस्तार न्याय वितरण प्रणाली में सुगमता, पहुंच और नागरिक-केंद्रित न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था से न्यायिक कार्यवाही के लिए नागरिकों को अधिक स्थानीय और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।
परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट से पक्षकारों को राहत की उम्मीद
भिलाई-3 में शुरू किए गए परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक का विशेष महत्व है। परिवार से जुड़े विवादों और मामलों में शामिल पक्षकारों को अब स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
परिवार न्यायालय की अतिरिक्त बैठक शुरू होने से संबंधित मामलों में पक्षकारों को न्यायालयीन कार्यवाही के लिए अधिक सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे न्याय तक पहुंच आसान होने के साथ-साथ नागरिकों के समय और संसाधनों की भी बचत हो सकती है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणमान्य अतिथियों के आगमन के साथ हुआ। इसके बाद श्री के. विनोद कुजूर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने स्वागत उद्बोधन दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने भिलाई-3 की बढ़ती आबादी और क्षेत्र की विधिक आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए न्यायालयों की स्थापना के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि भिलाई-3 एक महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जहां बढ़ती जनसंख्या के साथ विभिन्न प्रकार की विधिक आवश्यकताएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि समर्पित न्यायालयों की स्थापना के पीछे की परिकल्पना एवं मार्गदर्शक विचार मुख्य न्यायाधिपति के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन से प्रेरित रहे हैं।
उन्होंने भिलाई-3 में न्यायालयों की स्थापना को अधिक सुगम, उत्तरदायी एवं नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली की परिकल्पना का प्रतिबिंब बताया।
उद्घाटन के बाद दिखाई गई न्यायिक सुविधा की झलक
वर्चुअल उद्घाटन के तत्काल बाद भिलाई-3 में प्रारंभ की जा रही जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट से संबंधित एक संक्षिप्त वीडियो प्रदर्शित किया गया।
वीडियो के माध्यम से प्रस्तावित न्यायिक सुविधा, उसकी प्रकृति और क्षेत्र के नागरिकों के लिए इसके महत्व की झलक उपस्थितजनों के सामने प्रस्तुत की गई। यह प्रस्तुति केवल नई न्यायिक सुविधा की जानकारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि न्याय व्यवस्था को आम लोगों के और करीब लाने की दिशा में शुरू हुई नई पहल का दृश्यात्मक परिचय भी बनी।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती सुमन एक्का, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
भिलाई-3 में न्याय व्यवस्था के विस्तार की नई शुरुआत
भिलाई-3 में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट की शुरुआत को क्षेत्र में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह पहल न केवल न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि न्याय को नागरिकों के और करीब लाने, न्यायिक सेवाओं को अधिक सुगम बनाने तथा नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भिलाई-3 जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा की उपलब्धता से आने वाले समय में क्षेत्र के नागरिकों को न्यायिक कार्यवाही के लिए अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलने की उम्मीद है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से न्याय वितरण प्रणाली को अधिक सुलभ, प्रभावी और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है।