महासमुंद की सीता वर्मा की कहानी: महतारी वंदन की राशि से खरीदी सिलाई मशीन, अब घर बैठे बनीं आत्मनिर्भर...

त्वरित ख़बरें :- नेहा साहू रिपोटिंग

महासमुंद। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही वे अपनी आजीविका को मजबूत करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। महासमुंद शहर के वार्ड नंबर 11 की हितग्राही श्रीमती सीता वर्मा की कहानी इसका उदाहरण है। योजना के तहत उन्हें अब तक 31वीं किश्त प्राप्त हो चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता ने उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया।

11 सदस्यों के परिवार की जिम्मेदारी

सीता वर्मा बताती हैं कि उनके परिवार में कुल 11 सदस्य हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आजीविका चलाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित राशि उनके लिए सहारा बनी।

उन्होंने योजना से मिली राशि का उपयोग अपनी आजीविका को मजबूत करने के लिए सिलाई मशीन खरीदने में किया।

घर से शुरू किया सिलाई का काम

सिलाई मशीन मिलने के बाद सीता वर्मा ने घर से ही सिलाई का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलने लगा और उनकी आय का नया स्रोत तैयार हो गया। अब वे अपने हुनर के जरिए परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान दे रही हैं।

सीता वर्मा के अनुसार, योजना से मिली सहायता ने उन्हें केवल आर्थिक संबल ही नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया है। पहले परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज लेने की चिंता बनी रहती थी, लेकिन नियमित आर्थिक सहायता और सिलाई से होने वाली आय ने उनकी मुश्किलों को काफी हद तक कम किया है।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

सीता वर्मा ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को लगातार आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित किश्त मिलने से उनके जैसी महिलाओं की मुश्किलें आसान हुई हैं और वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों को मजबूती से निभा पा रही हैं।

आज सीता वर्मा अपने हुनर और मेहनत के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उनके लिए महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता परिवार की जरूरतों में सहयोग के साथ-साथ अपनी आजीविका शुरू करने का माध्यम भी बनी है।