दुर्ग। नगर निगम दुर्ग परिसर में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महापौर अलका बाघमार की इनोवा गाड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि महापौर वाहन से बाहर निकल चुकी थीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी गाड़ी जलकर खाक हो गई। घटना पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
महापौर के गाड़ी से उतरते ही भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, महापौर अलका बाघमार करीब 12:15 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अपनी इनोवा गाड़ी निगम परिसर में खड़ी की और वाहन से नीचे उतर गईं। इसके कुछ ही देर बाद गाड़ी में अचानक आग की लपटें उठने लगीं।
देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। निगम परिसर में आग लगने की खबर फैलते ही कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें काफी तेज थीं।
फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाई आग
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक इनोवा पूरी तरह जल चुकी थी।
महापौर ने बताया कि वाहन में कुछ महत्वपूर्ण और कीमती दस्तावेज भी रखे हुए थे, जो आग में जल गए। उनके मुताबिक, महज 8 से 10 मिनट के भीतर पूरी गाड़ी जलकर खाक हो गई।
महापौर बोलीं- किसी साजिश की आशंका नहीं
महापौर अलका बाघमार ने फिलहाल घटना के पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार किया है। उन्होंने शुरुआती तौर पर गाड़ी की वायरिंग में खराबी या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना जताई है।
महापौर ने कहा कि वह समय रहते गाड़ी से उतर गई थीं। अगर वह उस वक्त वाहन के अंदर होतीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद फोरेंसिक विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस भी आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
फिलहाल आग लगने की सही वजह सामने नहीं आई है। फोरेंसिक जांच और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारण का स्पष्ट पता चल सकेगा।