ई-रिक्शा चालकों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने ऐसे चाइनीज मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनका इस्तेमाल ब्लूटूथ के जरिए चलते ई-रिक्शा की बैटरी बंद करने के लिए किया जा रहा था। इन ऐप्स का दुरुपयोग कर कुछ असामाजिक तत्व सड़क पर चलते ई-रिक्शा को अचानक रोक देते थे, जिससे चालकों और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती थी।
जानकारी के अनुसार, कुछ ई-रिक्शा मॉडल में लगे ब्लूटूथ आधारित कंट्रोल सिस्टम की कमजोरी का फायदा उठाकर बदमाश मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी को डिस्कनेक्ट या बंद कर देते थे। इसके कारण वाहन अचानक रुक जाता था और कई बार दुर्घटना की आशंका भी बन जाती थी। इस तरह की घटनाओं की शिकायतें मिलने के बाद संबंधित ऐप्स पर कार्रवाई की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से कुछ ब्लूटूथ आधारित ई-रिक्शा कंट्रोल सिस्टम तक सीमित थी। इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक स्कूटर और अन्य आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता, क्योंकि उनमें अधिक सुरक्षित और उन्नत सुरक्षा प्रणाली का उपयोग किया जाता है।
सरकार और संबंधित एजेंसियों ने ई-रिक्शा निर्माताओं को भी सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की तकनीकी खामियों का दुरुपयोग न हो सके।
विशेषज्ञों ने ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें, वाहन के सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट रखें और किसी भी संदिग्ध तकनीकी गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित कंपनी या स्थानीय प्रशासन को दें। इससे साइबर और तकनीकी अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।