महाराष्ट्र का संत कालीचरण 13 जनवरी तक रायपुर की जेल में रहेगा। शुक्रवार की शाम जिला अदालत में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। जेल में घुसने से कुछ सेकेंड पहले दरवाजे पर खड़े होकर कालीचरण जोर से चीखा- सारे हिंदू एक हो जाओ... इतना कहते ही फौरन पुलिसकर्मियों ने उसे जेल के छोटे गेट से भीतर घुसा दिया।
सूत्रों के मुताबिक जेल के भीतर स्टाफ से कालीचरण मुस्कुराकर हाथ जोड़ते हुए मिला। उसे बैरक में भेज दिया गया। रात के वक्त उसने सिर्फ दाल और रोटी खाई। इससे पहले दिन भर कालीचरण मंदिर हसौद थाने में पुलिस की निगरानी में रखा गया था। यहां भी उसने दाल रोटी खाई और पुलिस के सवालों का जवाब दिया।
खबर है कि कालीचरण ने गांधी के खिलाफ दिए अपने बयान के प्रति कोई अफसोस नहीं जताया है। इससे पहले कालीचरण हर रोज 2 से 3 घंटे जिम में बिताता था, जेल में भी उसने ध्यान और योग किया है।
3 जनवरी को बेल की अर्जी
गुरुवार को रायपुर की अदालत ने 1 जनवरी तक कालीचरण को पुलिस कस्टडी में रखे जाने की अनुमति दे दी थी। मगर दिनभर हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने दोपहर बाद शुक्रवार 31 तारीख को ही कालीचरण को कोर्ट में पेश कर दिया। कालीचरण की तरफ से वकीलों की टीम भी अदालत पहुंची। करीब डेढ़ घंटे चली बहस के बाद कालीचरण को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। अब 3 जनवरी को कालीचरण की बेल की अर्जी लगाई जाएगी। जानकारों के मुताबिक, चूंकि राजद्रोह जैसी धाराएं लगी हैं, बहुत मुमकिन है कि बेल हाईकोर्ट से ही मिले।
परिवार का करीबी युवक पहुंचा था मिलने
महाराष्ट्र के अकोला का रहने वाला कालीचरण का परिवार भी वहीं रहता है। परिवार का एक करीबी युवक शुक्रवार को कालीचरण से मिलने पहुंचा था। उसने मुलाकात के दौरान कालीचरण का हाल-चाल भी जाना और बताया कि उसके पिता की तबीयत कुछ ठीक नहीं है। कालीचरण ने भी उस युवक को जानकारी दी कि लीगल टीम उसका पक्ष अदालत में रख रही है और जल्द ही सब कुछ ठीक होगा। रात की ट्रेन से ही वह युवक महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गया था।
राज्यपाल से रिहाई की मांग
अब न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे जाने के बाद कई हिंदू संगठन कालीचरण के समर्थन में उतर आए हैं। कोर्ट में कार्रवाई के दौरान भी बाहर हिंदू संगठन के लोग हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। अब राज्यपाल के नाम एक खत लिखा गया है। जिसमें कालीचरण को रिहा किए जाने की मांग की गई है। यह खत बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा समर्थित लोगों ने राज्यपाल के नाम लिखा है।
कालीचरण इस वजह से जेल में
कालीचरण ने 26 दिसंबर को रायपुर की धर्म संसद में कहा था 1947 में मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। विवादित बयानों को देखकर पहले धारा 294, 505(2) के तहत मामला दर्ज हुआ था। अब धारा राजद्रोह के मामले में 153 A (1)(A), 153 B (1)(A), 295 A ,505(1)(B), 124A केस दर्ज है।