बूढ़ा देव को मानने वाले खुद को हिंदू नहीं मानते

त्वरित ख़बरें - धर्म संसद में आदिवासियों के हिंदुत्व पर बोले बृजमोहन; साय ने कहा- इन्हें बहकाया जा रहा

बूढ़ा देव को मानने वाले खुद को हिंदू नहीं मानते

रविवार को रायपुर में धर्म संसद खत्म हो गई मगर इससे जुड़ा विवाद जारी है। अब एक और वीडियो सामने आया है। इसमें बीजेपी के दो वरिष्ठ नेता आदिवासियों के हिंदुत्व पर बात कर रहे हैं। प्रदेश के बड़े आदिवासी नेताओं में शुमार नंद कुमार साय और पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि आदिवासी खुद को हिंदू नहीं मान रहे, उन्हें बहकाया जा रहा है।

                                                       


धर्म संसद के कार्यक्रम में रविवार को मंच से बोलते हुए पहले नंद कुमार साय ने कहा- देश में नई परिस्थिति बन रही है, छत्तीसगढ़ में एक वातावरण बन रहा है। दिल्ली में कुछ लोग मिलने आए मुझसे कहने लगे हम हिंदू नहीं हैं, मैंने पूछा क्या हो, तो बोले हम प्रकृतिवादी हैं, जब प्रकृति के पंच भूत मानते हो तो तुम हिंदू क्यों नहीं हो, मैं तो हिंदू हूं, मैंने उन्हें कविता सुनाकर कहा - मैं वही प्रतापी हिंदू, सरस सुधा मैं हिंदू हूं, मैं वही प्रतापी हिंदू हूं। साय ने आगे कहा कि हम जहां जा रहे हैं हमारे जनजाति बंधुओं में भ्रम फैलाने की जो कोशिश हो रही है उसे रोकने का काम कर रहे हैं।

                                                                        श्वेत वस्त्र में आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी।

इसके बाद मंच पर बोलने की बारी विधायक और भाजपा के बड़े नेता बृजमोहन अग्रवाल की थी, उन्होंने कहा- आतंकवाद की गतिविधियां बढ़ रही हैं जंगलों में ही बढ़ रहे हैं, फिर जंगलों में धर्म का विनाश करने वाले पैदा हो गए हैं। जो अपना भगवान अपना इष्ट बूढ़ादेव को मानते हैं वो कहते हैं हम हिंदू नहीं हैं। जो प्रभु राम की सेना में वनवासी थे वो कैसे हिंदू नहीं हैं, ऐसी स्थिति को कौन लोग पैदा कर रहे हैं। जंगलों में जाकर लोगों को जागरुक करना होगा वहां धर्म की हानि हो रही है।

                                                                                       गुस्से में महंत राम सुंदर दास।


बवाल के बाद संत नाराज
इसी कार्यक्रम में महात्मा गांधी के लिए अपशब्द महराष्ट्र के संत कालीचरण ने कहे और बवाल हुआ। अब इस कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक रहे प्रदेश के गो सेवा आयोग के प्रमुख महंत राम सुंदर दास ने खुद को इस कार्यक्रम से अलग कर लिया। उन्होंने भरी सभा में आयोजकों को फटकारते हुए कहा कि इस मंच से जैसी बातें कहीं गईं क्या वो शोभा देती हैं।

महंत बोले- इस धर्म संसद के लोगों को अच्छे संदेश देने थे, मगर यहां महात्मा गांधी को गाली दी गई, मैं खुद को इस आयोजन से पृथक करता हूं। अब संत कालीचरण के खिलाफ रायपुर की पुलिस केस दर्ज कर चुकी है। आयोजकों पर भी कांग्रेस केस दर्ज करने की मांग कर रही है, हालांकि इसके आयोजन में प्रमोद दुबे, ज्ञानेश शर्मा जैसे कांग्रेस नेता खुद जुड़े थे। कार्यक्रम NCP नेता नीलकंठ त्रिपाठी के बनाए सामाजिक संगठन के बैनर तले हुआ था।