पुछता है दुर्ग -: समाज कल्याण विभाग दुर्ग के उपसंचालक डी पी ठाकुर से सुपेला स्थित प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान संबंधित जानकारी मांगी गई थी,जिसका जवाब संपूर्ण रूप से नहीं दिया गया तथा जितना जवाब दिया गया वह भ्रमित जानकारी थी,क्योंकि प्रयास श्रवण विकलांग संस्था का निर्माण जहां किया गया है वहां की भूमि 6 साल लीज से ओवर हो गयी है ना तो वहां पर किसी भी नियम के तहत कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती समाज कल्याण ऐसे ही लोगों को पालने का काम करती है और घूस के तौर पर पनीर, दूध ,दही यह सब प्रयास संस्थान के मालिक से लिया जाता है और ऐसे ही प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान को पैसा मुहैया कराकर सरकार का पैसा जो दिव्यांग बच्चो के लिए सरकार द्वारा दिया जाता है उसका दुरूपयोग कर उपसंचालक समाज कल्याण विभाग दुर्ग एवं प्रयास श्रवण संस्थान के अधिकारी डकार जाते हैं तथा समाज कल्याण विभाग ऐसे लोगों को बढ़ावा देकर सरकारी धन का पूर्ण रूप से दुरुपयोग कर अपने जेब भरने में लगे हुए है ,समाज कल्याण विभाग डीपी ठाकुर उपसंचालक के द्वारा यह भी बताया जाता है कि बहुत सारे अधिकारी मेरे घर में अच्छे-अच्छे पद पर कार्यरत हैं इस प्रकार अपने पद का फायदा उठाते हुए प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही की जा रही I
डीपी ठाकुर ऐसे संगठनों को 6 साल अधिक लीज पूरा होने के बाद भी संस्थान को गलत तरीके से पैसा आवंटित कर सरकार की तिजोरी को खाली करने में अपनी पूर्ण योगदान निभा रहे हैं देखना है छत्तीसगढ़ शासन ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कब कार्रवाई करती है प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान पर मेहरबान है डीपी ठाकुर उपसंचालक अगर ऐसे अधिकारी और प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान पर कार्रवाई नहीं की गई तो दिव्यांग बच्चो की जीवन के साथ खिलवाड़ होगा
आज सरकार की 300 करोड़ की जमीन पर शिक्षण प्रशिक्षण के नाम से जमीं कब्जा कर प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान संचालित किया जा रहा है और दिव्यंक बच्चो की आड़ में मोटी रकम अर्जित की जा रही है . छत्तीसगढ़ की धन को अवैध रूप से संचालित संस्थाओं में आवंटित कर अपनी काली कमाई को बढ़ाने में कोई कसर डी पी ठाकुर उपसंचालकद्वारा नही छोड़ी जा रही है जबकि डी पी ठाकुर उपसंचालक को यह ज्ञात होने के बाद भी की प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान निगम के नियमो के विरुद्ध 6 साल से अधिक लीज पर है उसके बावजूद भी उपसंचालक द्वारा कोई कारवाही नही की जा रही तथा प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान से मिली भगत कर उनकी गलतियों को बढ़ावा दिए जा रहे है, इसलिए डी पी ठाकुर जैसे उपसंचालक समाज कल्याण विभाग की प्रॉपर्टी की भी जांच कराई जाए तो इनकी काली कमाई की भी भांडा फोड़ होगा......