भिलाई- सिद्ध निकन्दनराज दरबार के श्रीमति रीता पूरी गोस्वामी ( शिव योगी) ने बताया कि, यहां सड़क 24 सेक्टर 2 भिलाई में 15 वर्षों से देव दीपावली मनाया जा रहा है । इस बार 26 नवंबर से 28 नवंबर 2023 तक, मनाया जाएगा, 26 नवंबर दिन रविवार को गुरु आराधना तथा शिव पूजन कर रुद्राभिषेक एवम् दोपहर 3 बजे से अखंड महामृत्युंजय यज्ञ 108 विवाहित जोड़ीयों द्वारा संध्या 6 बजे से किया जायेगा।
27 नवंबर 2023 दिन सोमवार को शाम 6:00 बजे से 51000 (इक्यावन हजार) दियो से प्रज्वलित कर भिलाई को जगमगाया जाएगा,दिया जलाने के बाद भजन संध्या के साथ मे भंडारा भी रखा गया है, देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा का उत्सव विश्व के सबसे प्राचीन शहर काशी संस्कृति एवं सनातनी परंपरा है |
शास्त्रों में देव दीपावली का विशेष महत्व है यह पर्व दीपावली के एक पक्ष बाद कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवताओं को दीपावली के रूप में मनाया जाता है मान्यता है कि दीपावली मनाने के लिए इस दिन देवता गण काशी के पवित्र गंगा पाढ़ से में अदृश्य रूप में आकर, दीप प्रज्वलित कर देव दीपावली मनाते हैं, कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शंकर जी ने त्रिपुरासुर नामक महाअसुर और असुरीन सेना का वध किया था, शास्त्र के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु अपने वामन अवतार के बाद अपने लोक बैकुंठ धाम आए थे, उनके स्वागत में सभी देवताओं ने दीप जलाकर भगवान का स्वागत किया था, कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ जिसे सिख समुदाय प्रकाश पर्व विशेष रूप से मनाते हैं, सिद्ध निकंदन राज दरबार भिलाई के तत्वाधान में विगत 15 वर्षों से देव दिवाली का महापर्व प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है जो राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के पावन धारा भिलाई दुर्ग के लिए बहुत ही गौरव की बात है |