मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे पाटन के ग्राम सांकरा : सांकरा में 120 करोड़ रु. से उद्यानिकी यूनिवर्सिटी बनेगी नंदिनी में फारेस्ट वंडरलैंड पार्क, सोनपुर में ग्लेजिंग यूनिट

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को पाटन के ग्राम सांकरा में 120 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के भवनों का शिलान्यास किया। इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत 14 शासकीय एवं 4 अशासकीय महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। नंदिनी में प्रस्तावित 3 करोड़ 93 लाख 49 हजार रुपए के फारेस्ट वंडरलैंड पार्क और सोनपुर में एक करोड़ 18 लाख रुपए के ग्लेजिंग यूनिट (माटी कला सेंटर) निर्माण का भी मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन किया।


मुख्यमंत्री ने 443 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री शैलजा कुमारी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक मोहन मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित अन्य इस दौरान मौजूद थे।

देश में सबसे अच्छी स्थिति छत्तीसगढ़ के किसानों की
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर सांकरा में आयोजित भरोसे का सम्मेलन में बघेल ने कहा कि आज पूरे देश में सबसे अच्छी स्थिति में छत्तीसगढ़ के किसान हैं। आज किसानों और मजदूरों के खाते में विभिन्न न्याय योजनाओं की 2 हजार 28 करोड़ 92 लाख रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई है। 24 लाख से अधिक किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किश्त भेजी गई हैं। अब तो हमने प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने का निर्णय लिया है।

कार्यक्रम स्थल पर लगे स्टॉल का अवलोकन किया
मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। कृषि विभाग के स्टॉल में उन्होंने उपस्थित किसानों, गोधन न्याय योजना में कार्यरत स्व-सहायता समूह की महिलाओं से बात की। सुराजी गांव योजना के अंतर्गत लगे नरवा, घुरवा, बाड़ी के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने विभाग द्वारा प्रस्तुत वर्किंग मॉडल को देखा। गौठानों में तैयार किए जा रहे उत्पादों की प्रक्रिया को बारीकी से देखा। इसी तरह बाड़ी में जैविक सब्जियों के उत्पादन और आम की वेराइटी के बारे में जानकारी ली।

सरकार की उपलब्धियां गिनाई, कहा-हर वादा पूरा
हमने 72 लाख से अधिक राशन कार्ड बनाए। बिजली बिल हाफ योजना से आमजन को लाभान्वित कर रहे हैं। 65 प्रकार से अधिक लघु वनोपजों की खरीदी हो रही है। नरवा के माध्यम से पानी रोककर जंगल को हराभरा कर रहे है, गौठान के जरिये गौ माता की सेवा कर रहे हैं। नगर सैनिकों, कोटवारों और पटेलों का मानदेय बढ़ाकर उन्हें सम्मान दिया है। रीपा में नौजवानों को रोजगार देने के साथ साथ वाई-फाई भी शुरू किया। धरती माता की सेवा के साथ साथ हम किसानों की सेवा भी कर रहे है।