राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा मेें सुनिश्चित करें कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की ली समीक्षा बैठक
दुर्ग, 22 मई 2024/ कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि मेें सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर 15 जून के भीतर राजस्व संबंधी प्रकरणों का निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले में राजस्व संबंधित होने वाली गतिविधियों की गहन समीक्षा की।
बैठक में उन्होंने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों से राजस्व संबंधी लंबित मामलों की जानकारी ली एवं आवश्यक निर्देश देते हुए लंबित प्रकरणों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने विवादित नामांतरण, विवादित खाता विभाजन एवं नक्शा सुधार के कार्यों को समितियों से जानकारी लेकर नंबरदार के साथ पटवारी से समन्वय कर खाता विभाजन के कार्यों को सुनिश्चित करने कहा। बैठक में कलेक्टर ने बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, नामांतरण, खाता विभाजन सहित सभी राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर ने नक्शा बटांकन के कार्यों के संबंध में तहसीलदारों को निर्देशित किया कि मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीन की वस्तुस्थिति जांच कर नक्शा बंटाकन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने शासकीय एवं सामाजिक संस्थाओं को भूमि का आबंटन हेतु प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। सामाजिक संस्थाओं से संबंधित जमीन के मामलों को भी शीघ्रता से समय सीमा के भीतर पूर्ण करने कहा। उन्होंने अधिकारियों को सामाजिक संस्था का परीक्षण करने को कहा, ताकि एक समाज को एक ही जमीन आबंटित हो सके।
बैठक के दौरान उन्होंने वृक्ष कटाई के अनुमति हेतु प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को जल भराव की स्थिति वाले स्थानों सहित स्कूल, आंगनबाड़ी इत्यादि क्षेेत्रों का निरीक्षण कर मरम्मत करने को कहा, ताकि बारिश के समय जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो। भीड़-भाड वाले जगहों के सूखे वृक्ष एवं दीवार जो गिरने की स्थिति में है, उसे बारिश से पूर्व मरम्मत करने को कहा। साथ ही जर्जर स्कूल भवनों का बारिश के पूर्व ही जीर्णाेद्धार किए जाने को कहा।
कलेक्टर ने सभी तहसीलदार को तहसील परिसर को साफ-सुथरा, हरा-भरा एवं सुव्यवस्थित रखने को कहा। इसके अलावा उन्होंने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों एवं मुआवजा भुगतान, भारतमाला परियोजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से मृत व्यक्तियों की जानकारी और वसूली की मासिक जानकारी की विस्तार से समीक्षा की।

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