जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री एवं डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह को प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए मामले में मंगलवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही जम्मू शहर नरवाल स्थित ईडी कार्यालय के बाहर उनके समर्थक एक बार फिर जमा हो गए। समर्थकों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चौधरी लाल सिंह से उनकी पत्नी को मिलने दिए जाने की मांग की। पुलिस और सुरक्षाकर्मी लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे।
पूर्व मंत्री लाल सिंह की पत्नी एवं पूर्व विधायक कांता अंडोत्रा द्वारा संचालित आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट की स्थापना के लिए भूमि खरीद में अनियमितताओं को लेकर ईडी जांच कर रही है।12 सितंबर, 2020 को सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। सीबीआई ने 2021 में आरोप पत्र दाखिला किया। इसी मामले में गिरफ्तारी हुई है। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश सीबीआई ज्योति बाला ने लाल सिंह की अग्रिम जमानत को बढ़ाने से इन्कार कर दिया। हालांकि अदालत ने पूर्व मंत्री की पत्नी कांता अंडोत्रा और बेटी डॉ. क्रांति सिंह की अग्रिम जमानत 30 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है।
ईडी के विशेष लोक अभियोजक अश्वनी खजूरिया व वादी पक्ष के वकील राजेश कोतवाल की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने कहा कि आरोपों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी को विश्लेषणात्मक व प्रभावी जांच के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। ऐसे में याचिकाकर्ता को इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे जांच में बाधा आएगी।
न्यायाधीश ने आगे कहा कि आवेदक को जांच एजेंसी को सहयोग सहित कुछ शर्तों पर सीमित समय तक ही अग्रिम जमानत दी जा सकती है। मनी लांड्रिंग एक अभिशाप है और इसका समाज और उसके नागरिकों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। मनी लांड्रिंग देश की वित्तीय प्रणाली के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है, जिसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री की पत्नी कांता अंडोत्रा और बेटी डॉ. क्रांति सिंह की अग्रिम जमानत को आगे बढ़ाते हुए विशेष न्यायाधीश ने कहा कि 14 जून 2023 को प्रीति चंद्रा बनाम प्रवर्तन निदेशालय मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के हालिया फैसले में यह माना गया है कि पीएमएलए जमानत की शर्तें हो सकती हैं। ऐसे मामले में बीमार महिलाओं को छूट दी जानी चाहिए। इसी तरह याचिकाकर्ता की जमानत 30 नवंबर तक बढ़ाई जाती है, क्योंकि जांच अभी भी चल रही है। न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने का निर्देश भी दिया गया।
सोमवार और शनिवार को हुई लंबी पूछताछ
इससे पहले सोमवार और शनिवार को ईडी की ओर से करीब 21 घंटे तक उनसे सवाल पूछे गए। दोनों दिन पूर्व मंत्री के समर्थक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
चौधरी लाल सिंह बोले- डोगरों की लड़ाई लड़ने पर प्रताड़ित किया जा रहा
सोमवार को पूछताछ के बाद कार्यालय से बाहर आने पर चौधरी लाल सिंह ने कहा था कि ये मुसीबत इसलिए है, क्योंकि डोगरों की लड़ाई लड़ रहा हूं। अगर लड़ाई को आज खत्म कर दूं तो लाल सिंह बिल्कुल साफ हो जाएगा, लेकिन इतना कमजोर नहीं हूं कि अपनों को छोड़ दूं। वहीं, उनके आने पर जय डुग्गर जय डोगरा के नारे लगे। इस दौरान चौधरी लाल ने समर्थकों को कहा कि अब वक्त है सभी डोगरों को एकजुट होना होगा।
ईडी प्रश्न के उत्तर लिखवा रही है, लेकिन आपके समर्थन से ताकत मिल रही है। सरकार की ओर से पूरे परिवार की प्रताड़ना की जा रही है। कुछ गलत नहीं किया, फिर भी जेल हो जाए तो गम नहीं है। परिवार ने एजुकेशन ट्रस्ट बनाया जहां बच्चे पढ़ते हैं। हमने शराब और बार नहीं खोले। कुछ लोगों ने जम्मू को बर्बाद किया है।

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