मैसूर के पीठाधिपति शंकर भारती दुर्ग पहुंचे, हनुमान मंदिर को तोड़े जाने के मुद्दे पर विरोध
त्वरित ख़बरें - आंदोलनकारी हिंदू संगठनों के नेताओं से बात की और हौसला बढ़ाते और शासन प्रशासन के लिए विकास के नाम केवल हिंदुओं का अहित न होने की नसीहत दी

सड़क चौड़ी करण को लेकर दुर्ग बस स्टैंड के पास स्थित हनुमान मंदिर को तोड़े जाने के मुद्दे के विरोध में रविवार को कर्नाटक मैसूर के पीठाधिपति शंकर भारती दुर्ग पहुंचे। उन्होंने इस दौरान हनुमान मंदिर जाकर पूजा अर्चना की। मंदिर तोड़े जाने के विरोध में आंदोलनरत हिंदू संगठन के नेताओं से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।

कर्नाटक मैसूर के यडतोरे श्री योगानंदेश्वर सरस्वती मठ के पीठाधिपती शंकर भारती जी स्वामी महाराज छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। रविवार को वह रायपुर से राजनांदगांव जा रहे थे। इसी दौरान वह दुर्ग बस स्टैंड के पास रुके और हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें इस मुद्दे की जानकारी दी है। स्वामी शंकर भारती ने कुछ देर हनुमान मंदिर में रुक कर हनुमान जी की पूजा अर्चना की। उन्होंने आंदोलनकारी हिंदू संगठनों के नेताओं से बात की और हौसला बढ़ाते और शासन प्रशासन के लिए विकास के नाम केवल हिंदुओं का अहित न होने की नसीहत दी।

इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं ने स्वामी जी का स्वागत किया। इस दौरान परिषद के जिला अध्यक्ष संजय उमक, सर्व हिंदू समाज के संयोजक अमर चंद सुराना, हिंदू जागरण मंच के जिला अध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, पूर्व सभापति दिनेश देवांगन, गजेंद्र यादव,सुश्री ज्योति शर्मा, दिनेश पाटिल प्रमोद बाघ सहित बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने महास्वामी को बताया कि सड़क चौड़ीकरण मे पक्षपात पूर्ण निर्माण कार्य के मुद्दे को लेकर भाजपा सहित विभिन्न हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। निरंतर आंदोलन कर प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद भी प्रशासन केवल प्राचीन हनुमान मंदिर को तोड़ने पर तुला हुआ है।

यह है पूरा मामला

नेहरू नगर से पुलगांव चौक तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी कर रहा है। इस निर्माण में सड़क की जद पर बस स्टैंड स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर आने के चलते पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने मंदिर तोड़ने का प्रस्ताव दिया है। इसके विरोध में जिले के हिंदू संगठनों के नेता और समर्थक आंदोलनरत हैं। उनका आरोप है कि सड़क की जद में चर्च और मंदिर दोनों आ रहा हैं, लेकिन अधिकारी चर्च को न तोड़कर केवल हनुमान मंदिर तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के विरोध में लगातार प्रदर्शन करते आ रहे हैं।

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