खर्रा ग्राम पंचायत के लोग भुगत रहे खामियाजा
त्वरित ख़बरें - निर्वाचन विभाग एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बावजूद नहीं बदला जा रहा आरक्षण

खर्रा को ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने के 7 साल बाद भी नहीं मिला सरपंच जिस वर्ग का व्यक्ति पंचायत क्षेत्र में नहीं उसके लिए कर दिया सरपंच पद आरक्षित। सरपंच आरक्षण में विसंगति का खामियाजा 6 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है इन ग्राम पंचायतों में जिस वर्ग का व्यक्ति उक्त पंचायत क्षेत्र में निवासरत नहीं है उनके लिए सरपंच का पद आरक्षित कर दिया गया है धमधा  विकासखंड का ग्राम खर्रा  को ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने के 7 साल बाद भी इसी वजह से सरपंच नहीं मिल पाया है ग्राम पंचायत  खर्रा के ग्रामीण राकेश साहू ने बताया कि 7 साल पूर्व हिर्री  से अलग कर खर्रा  को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जा चुका है एवं आश्रित ग्राम रौता  को मिलाकर उक्त ग्राम पंचायत क्षेत्र की आबादी 1200 साल की है उनका कहना है कि लोगों ने ग्राम पंचायत काम किया था मगर उनके ग्राम को ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद भी सरपंच नहीं मिलने से ग्राम के लोग मायूस हैं ग्राम पंचायत का सरपंच पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है जबकि उक्त वर्ग का कोई परिवार उनके ग्राम पंचायत क्षेत्र में वर्तमान में निवासरत ही नहीं है पिछले पंचवर्षीय में भी सरपंच का पद इसी वर्ग के लिए आरक्षित था तभी पूरे 5 साल तक इसकी वजह से ग्राम  को सरपंच नहीं मिलने के बावजूद इस पंचवर्षीय में भी अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए ही सरपंच का पद आरक्षित कर देने पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया उनका कहना है कि ग्रामीणों के द्वारा दो बार इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है इसके बावजूद सरपंच पद का आरक्षण यथावत है उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगातार ग्राम पंचायत सरपंच का आरक्षण बदलने की मांग की जा रही है मगर अनुसूचित जाति वर्ग का कोई परिवार ग्राम में नहीं रहने पर पिछले 5 साल से पंचों को प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है |

6 ग्राम पंचायतों के लोग भुगत रहे खामियाजा निर्वाचन विभाग एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बावजूद नहीं बदला जा रहा आरक्षण जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र साहू का कहना है कि उनके क्षेत्र के ग्राम पंचायत खर्रा  के अलावा बसनी एवं पथरिया भी अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई है जबकि उक्त वर्ग का परिवार इन ग्राम पंचायतों के क्षेत्र में निवासरत नहीं है इस संबंध में उन्होंने साल भर पूर्व कलेक्टर एवं निर्वाचन विभाग को पत्र लिखकर जानकारी भी दे चुके हैं 6 माह पूर्व भी पत्र लिखा गया था और अब पुनः इन ग्राम पंचायतों में उप चुनाव की घोषणा कर दी गई है मगर संबंधित वर्ग का व्यक्ति ग्राम पंचायत क्षेत्र में नहीं होने की वजह से फिर सरपंच का पद इन ग्राम पंचायतों में खाली रह जाएगा उन्होंने आयोग को पत्र लिखने के बावजूद सरपंच का पद का आरक्षण नहीं बदलने पर रोष  व्यक्त करते हुए कहा कि आरक्षण में विसंगति दूर की जाए इसी प्रकार धमधा क्षेत्र के ग्राम पंचायत खपरी में अनुसूचित जाति महिला को अनुसूचित जाति मुक्त तथा पाटन विकासखंड के ग्राम खुडमुड़ा अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है मगर उक्त वर्ग का कोई व्यक्ति नहीं होने की वजह से पंचायत निर्वाचन 2019-20  में इन ग्राम पंचायतों से एक भी नाम निर्देशन प्राप्त नहीं हुआ इसी प्रकार अलग-अलग ग्राम पंचायतों के पंच के पद पर भी आरक्षण में विसंगति के कारण रिक्त है |

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