जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाने चलाया जाएगा महाभियान
त्वरित ख़बरें -रिपोर्टर निशा बिस्वास मार्केटिंग हेड - सीएमएचओ ने समस्त सम्बन्धित अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक ली

कबीरधाम, 09 मार्च 2022. जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के लिए अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत विकासखण्ड वार मितानिन और जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से डोर टू डोर सर्वे कर हितग्राहियों की सूची बनाई जाएगी तथा चिन्हित लोगों का मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के लिए सत्र आयोजित किए जाएंगे। डोर टू डोर सर्वे हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने विभागीय कर्मचारियों को विभिन्न दिशा-निर्देश दिए हैं।

जिले को मोतियाबिंद मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य को लेकर विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुजॉय मुखर्जी ने जिले के समस्त सहायक नेत्र अधिकारियों की बैठक लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए हैं। मोतिया बिंद के लक्षण के बारे में बैठक में उन्होंने बताया कि शुरुआत में मोतियाबिंद से दृष्टि पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है। दृश्य लक्षण प्रकट होने में महीनों से लेकर कई सालों तक का समय लग सकता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को उसकी दृष्टि  में धुंधलापन का आभाष होता है, जैसे- कांच के एक धुंधले टुकड़े के माध्यम से देख रहे हों। मोतियाबिंद प्रत्येक आंख में एक अलग दर से विकसित हो सकता है, जिसके कारण एक आंख में दृश्य लक्षण और दूसरे में सामान्य दृष्टि हो सकती है। मोतियाबिंद पीड़ित को सूरज या दीपक का प्रकाश बहुत उज्ज्वल या चमकता हुआ प्रतीत होता है। आंखें प्रकाश के प्रति अधिक संवेदनशील प्रतीत होती हैं। रात में गाड़ी चलाते समय सामने से आने वाली हेडलाइट्स पहले की तुलना में अधिक चमकदार लगती हैं। चमकदार रोशनी के चारों ओर दृश्य प्रभामंडल अथवा दोहरी दृष्टि होना भी मोतियाबिंद का लक्षण हो सकते हैं। रात में या कम रोशनी में देखना ज्यादा मुश्किल होता है। रंग उतने चमकीले नहीं दिखाई पड़ते जितने पहले दिखते थे। पीड़ित व्यक्ति को धुंधली, बादल जैसी, अस्पष्ट या मंद दृष्टि महसूस हो सकती है। ऐसे तमाम लक्षण वाले लोगों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के नेत्ररोग विभाग में सम्पर्क कर जांच कराना चाहिए ताकि समय पर बेहतर इलाज किया जा सके। 

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुजॉय मुखर्जी ने बतायाः “जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के लिए विशेष महाभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों को मोतियाबिंद के कारण, लक्षण व इससे राहत के उपाय बताकर जागरुक किया जाएगा। मितानिन और जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डोर टू डोर सर्वे कर हितग्राहियों की सूची तैयार बनाने के लिए कहा गया है। इसके पश्चात लोगों का मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के लिए सत्र आयोजित किए जाएंगे”। बैठक में जिला नोडल अधिकारी डॉ. संजय खरसन भी मौजूद रहे। 

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