दो थाना प्रभारी एवं एस आई पर दुर्ग न्यायालय ने दिए एफ आई आर के निर्देश
त्वरित ख़बरें - 2 TI और SI पर FIR के निर्देश: दहेज मामले में गलत जांच कर दस्तावेजों से की छेड़छाड़.... कोर्ट ने जांच के आदेश दिए.... शिकायतकर्ता पर भी मामला दर्ज करने के निर्देश.....

tvarit khabren : दुर्ग समाचार -  2 TI व SI पर FIR के निर्देश दिए गए हैं। जिला न्यायालय ने भिलाई नगर टीआई को आदेशित किया है कि वो दहेज प्रकरण की शिकायतकर्ती सहित तीनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की रिपोर्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। जिला न्यायालय ने दहेज प्रकरण के मामले में दो टीआई और एसआई को गलत विवेचना और दस्तावेजों से कूटरचना करने का दोषी पाया है। उतई रोड में रहने वाली 24 वर्षीय युवती ने दीपक, उसके भाई और पिता व चाचा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था।

इस मामले में दीपक की गिरफ्तारी हो जाने के बाद उसके पिता ने एसपी से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआई और जांच अधिकारी ने सीआरपीसी की धारा 41 (1)(क) का पालन नहीं किया। आरोप लगाया कि सूचना के अधिकार के तहत उन्हें जो दस्तावेज मिले हैं उसमें भी कूटरचना की गई है। धारा 41 (1)(क) का प्रारूप जो जमा किया गया है, उसमें दीपक के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही तत्कालीन महिला थाना प्रभारी ने इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई जांच और कार्यवाही नहीं की गई।

 

इसके बाद मामले की शिकायत आईजी दुर्ग और हाईकोर्ट से की थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्होंने जिला न्यायालय में प्रकरण को लगाया। जिला न्यायालय दुर्ग में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोनी तिवारी ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने सुनवाई करते हुए पाया कि धारा 41 (1)(क) के प्रारूप में फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही मामले की विवेचना गलत तरीके से करके धारा 498ए, 506 व 34 का मामला दर्ज किया गया है। न्यायाधीश सोनी तिवारी ने भिलाई नगर थाना प्रभारी को आदेश दिया है कि इस मामले पर विधिवत अपराध दर्ज करके 30 अप्रैल तक प्रथम सूचना पत्र की एक कॉपी उनके न्यायालय में पेश करें।

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