अहिवारा विधानसभा में मुरुम माफियाओं के हौसले बुलंद खनन की मनमानी लगातार चर्चा में रही जिसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों को भी की गई है नियमों को ताक पर रखकर बिना परमिशन के भारी मशीनों से अवैध खुदाई कर रहे हैं अवैध उत्खनन से राज्य सरकार को भारी रॉयल्टी और राजस्व का नुकसान हो रहा है ओवरलोड वाहनों के चलते से ग्रामीण सड़कें ध्वस्त हो रही है धूल मिट्टी से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है खनन माफिया के इतने हौसले बुलंद हो गए हैं की सरेआम सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं प्रशासन और खनिज विभाग को शिकायत देने के बावजूद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती जिससे मिली भगत का संदेह गहराता है, धमधा ब्लाक के मेडेसरा गांव में अवैध रूप से मुरूम खनन व परिवहन किया जा रहा है, साथ ही साथ ग्राम अहेरी एवं बिरेभाठ में जोरशोर से उत्खनन हो रहा है, प्रशासनिक अधिकारी मौन धारण किये हुए हैं, ग्राम अहेरी में पंचायत मैं मुरुम माफिया ने प्रस्ताव पास कराकर सीधे उत्खनन कर दिया बिना माइनिंग विभाग के परमिशन के इसी कड़ी में धमधा ब्लॉक के गिरहोला खपरी पंचायत में भी पंचायत से प्रस्ताव पास करके सीधे उत्खनन कर बाजार मुरूम बेचा जा रहा है, माइंनिंग में सिर्फ एक आवेदन रॉयल्टी के लिए लगाया गया है जब की 10 दिनों बाद उक्त तालाब जो मौत का कुआं है पानी से भर जाएगा उक्त स्थल से अभी तक तकरीबन कई हजार घन मीटर मुरुम निकालकर बेचा गया है
अवैध खनन से सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान हो रहा है परंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही न करना सोच से परे है खपरी गांव जहां अवैध मूरुम उत्खनन हो रहा है वहां पर नंदिनी अहिवारा के तहसीलदार राधेश्याम वर्मा ने भी जाकर उस अवैध खनन को देखा परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई क्या राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त है, मूरूम माफिया रात में उत्खनन कर लाभ अर्जित कर रहे थे परंतु अभी तो खुलेआम दिन दहाड़े उत्खनन कर लाभ अर्जित कर रहे हैं, परंतु प्रशासनिक अधिकारी मौन धारण करे हुए हैं पूरे अहिवारा विधानसभा में चल रहे अवैध उत्खनन शासन प्रशासन कब रोक लगा पाएगा अब बरसात के दिन आने वाले हैं मुरुम माफिया लाल हो गये है कई माफिया 10 घन मीटर की रायलिटी लेकर काम कर रहे हैं जिसमें 15 से 17 टन माल आता है परंतु माफिया 12 चका 14 चका 16 चका मैं मुरूम परिवहन हो रहा है जिसने 35 से 40 टन मोरम गाड़ियों में आता है जिसका परिणाम शासन को करोड़ों रुपए का चूना लग रहा है, ग्रामीणों का आरोप है कि शासन प्रशासन अगर उचित कार्यवाही करे

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